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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 7th Dec 2023

    भीगी शाम है चाँद!

    हम से भी दो बातें कर ले कैसी भीगी शाम है चाँद, सब कुछ सुन ले आप न बोले तेरा ख़ूब निज़ाम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 7th Dec 2023

    तुमने कितनी निर्दयता की!

    आज एक बार मैं  हिन्दी फिल्मों और काव्य मंचों के माध्यम से सैंकड़ों  अमर गीत देने वाले स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का यह गीत – तुमने…

  • 6th Dec 2023

    तुझसे काम है चाँद!

    हम इस लम्बे-चौड़े घर में शब को तन्हा होते हैं, देख किसी दिन आ मिल हमसे, हमको तुझसे काम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    नाहक़ बदनाम है चाँद!

    वो जो तेरा दाग़ ग़ुलामी माथे पर लिए फिरता है, उसका नाम तो ‘इंशा’ ठहरा नाहक़ को बदनाम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    कहाँ कलाम है चाँद!

    सखियों से कब सखियाँ अपने जी के भेद छुपाती हैं, हम से नहीं तो उस से कह दे करता कहाँ कलाम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    हर कोई जग में!

    तू भी हरे दरीचे वाली आ जा बर-सर-ए-बाम है चाँद, हर कोई जग में ख़ुद सा ढूँडे तुझ बिन बसे आराम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    वहशत का पैग़ाम है!

    ऐ दिल वालो घर से निकलो देता दावत-ए-आम है चाँद, शहरों शहरों क़रियों क़रियों वहशत का पैग़ाम है चाँद| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    सुब्ह का तारा होता है!

    कटने लगीं रातें आँखों में देखा नहीं पलकों पर अक्सर, या शाम-ए-ग़रीबाँ का जुगनू या सुब्ह का तारा होता है| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    उनका इशारा होता है!

    हम उनसे अगर मिल बैठे हैं क्या दोष हमारा होता है, कुछ अपनी जसारत होती है कुछ उनका इशारा होता है| इब्न-ए-इंशा

  • 6th Dec 2023

    तुम तूफ़ान समझ पाओगे!

    आज एक बार मैं  हिन्दी गीत की पहचान बने, अनेक अमर गीत देने वाले   स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी का यह गीत – तुम तूफ़ान समझ पाओगे? गीले बादल,…

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