भीगी शाम है चाँद!

हम से भी दो बातें कर ले कैसी भीगी शाम है चाँद,

सब कुछ सुन ले आप न बोले तेरा ख़ूब निज़ाम है चाँद|

इब्न-ए-इंशा

2 responses to “भीगी शाम है चाँद!”

  1. बहुत सुंदर।

    Liked by 1 person

    1. हार्दिक धन्यवाद जी

      Like

Leave a comment