नाहक़ बदनाम है चाँद!

वो जो तेरा दाग़ ग़ुलामी माथे पर लिए फिरता है,

उसका नाम तो ‘इंशा’ ठहरा नाहक़ को बदनाम है चाँद|

इब्न-ए-इंशा

Leave a comment