Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Oct 2023

    अब कारवाँ कोई न हो!

    उल्फ़त का बदला मिल गया वो ग़म लुटा वो दिल गया, चलना है सब से दूर दूर अब कारवाँ कोई न हो| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Oct 2023

    मेरा निशाँ कोई न हो!

    जाकर कहीं खो जाऊँ मैं नींद आए और सो जाऊँ मैं, दुनिया मुझे ढूँडे मगर मेरा निशाँ कोई न हो| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Oct 2023

    जहाँ कोई न हो!

    ऐ दिल मुझे ऐसी जगह ले चल जहाँ कोई न हो, अपना पराया मेहरबाँ ना-मेहरबाँ कोई न हो| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 2nd Oct 2023

    घर की दहलीज़ पे!

    कोई आया है ज़रूर और यहाँ ठहरा भी है, घर की दहलीज़ पे ऐ ‘नूर’ उजाला है बहुत| कृष्ण बिहारी नूर

  • 2nd Oct 2023

    ख़ुद को तराशा है बहुत

    मिरे हाथों की लकीरों के इज़ाफ़े हैं गवाह, मैंने पत्थर की तरह ख़ुद को तराशा है बहुत| कृष्ण बिहारी नूर

  • 2nd Oct 2023

    कभी क़तरा है बहुत!

    तिश्नगी के भी मक़ामात हैं क्या क्या यानी, कभी दरिया नहीं काफ़ी कभी क़तरा है बहुत| कृष्ण बिहारी नूर

  • 2nd Oct 2023

    उसे सोचा है बहुत!

    रात हो दिन हो कि ग़फ़लत हो कि बेदारी हो, उसको देखा तो नहीं है उसे सोचा है बहुत| कृष्ण बिहारी नूर

  • 2nd Oct 2023

    कौन कहां रहता है!

    आज मैं हिन्दी के श्रेष्ठ साहित्यकार जिनको उनके उपन्यासों और कहानियों के लिए अधिक जाना जाता है, लेकिन उन्होंने कुछ श्रेष्ठ कविताएं भी लिखी हैं, ऐसे  श्री गंगा प्रसाद विमल जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| विमल जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री गंगा…

  • 1st Oct 2023

    तक़ाज़ा है बहुत!

    इक ग़ज़ल उस पे लिखूँ दिल का तक़ाज़ा है बहुत, इन दिनों ख़ुद से बिछड़ जाने का धड़का है बहुत| कृष्ण बिहारी नूर

  • 1st Oct 2023

    वो भीड़ में भी जाए तो!

    क्या हुस्न है जमाल है क्या रंग-रूप है, वो भीड़ में भी जाए तो तन्हा दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर

←Previous Page
1 … 715 716 717 718 719 … 1,398
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar