Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 23rd Dec 2023

    मैं कोई मोम नहीं हूँ!

    सोज़ भर दो मिरे सपने में ग़म-ए-उल्फ़त का, मैं कोई मोम नहीं हूँ जो पिघल जाऊँगा|              साहिर लुधियानवी  

  • 23rd Dec 2023

    हम सब काशी के पंडे!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी नवगीत के एक प्रमुख हस्ताक्षर और मेरे लिए गुरुतुल्य रहे, अत्यंत सरल स्वभाव के धनी स्वर्गीय कुँवर बेचैन जी का नवगीत शेयर कर रहा हूँ|   बेचैन जी की बहुत सी रचनाएँ मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री स्वर्गीय कुँवर बेचैन जी का…

  • 22nd Dec 2023

    तेरा वा’दा तो नहीं हूँ!

    मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा, तेरा वा‘दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा|              साहिर लुधियानवी                    

  • 22nd Dec 2023

    गुज़रे जिधर से हम!

    माना कि इस ज़मीं को न गुलज़ार कर सके, कुछ ख़ार कम तो कर गए गुज़रे जिधर से हम|               साहिर लुधियानवी  

  • 22nd Dec 2023

    किसी की नज़र से हम!

    ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है, क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम|               साहिर लुधियानवी  

  • 22nd Dec 2023

    कुछ और बढ़ गए जो!

    कुछ और बढ़ गए जो अँधेरे तो क्या हुआ, मायूस तो नहीं हैं तुलू-ए-सहर* से हम| *Sunrise             साहिर लुधियानवी  

  • 22nd Dec 2023

    ज़माने के डर से हम!

    भड़का रहे हैं आग लब-ए-नग़्मागर से हम, ख़ामोश क्या रहेंगे ज़माने के डर से हम|              साहिर लुधियानवी

  • 22nd Dec 2023

    फिर मुझको रसखान बना दे!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी कवि सम्मेलनों और उर्दू मुशायरों में जिनको समान रुचि के साथ श्रोताओं द्वारा सुना जाता था, ऐसे स्वर्गीय बेकल उत्साही जी का गीत शेयर कर रहा हूँ|   बेकल जी की कुछ रचनाएँ मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री स्वर्गीय बेकल उत्साही जी…

  • 21st Dec 2023

    आग का दरिया देखूँ!

    टूट जाएँ कि पिघल जाएँ मिरे कच्चे घड़े, तुझ को मैं देखूँ कि ये आग का दरिया देखूँ|               परवीन शाकिर 

  • 21st Dec 2023

    और भी तुझ सा देखूँ!

    तू मिरी तरह से यकता है मगर मेरे हबीब, जी में आता है कोई और भी तुझ सा देखूँ|               परवीन शाकिर

←Previous Page
1 … 668 669 670 671 672 … 1,401
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,142 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar