Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 8th Feb 2024

    उतरे नहीं ताल पर पंछी! 

    आज एक बार फिर से मैं, हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय कैलाश गौतम जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| कैलाश जी मुख्य रूप से हास्य-व्यंग्य की कविताओं के लिए जाने जाते थे परंतु वे नवगीत भी लिखते थे| गौतम जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज…

  • 7th Feb 2024

    साहिल का इरादा!

    कश्ती मौजों में डाली है मरना है यहीं जीना है यहीं, अब तूफ़ानों से घबरा कर साहिल का इरादा कौन करे|                   आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    नज़ारा कौन करे!

    बसने दो नशेमन को अपने फिर हम भी करेंगे सैर-ए-चमन, जब तक कि नशेमन उजड़ा है फूलों का नज़ारा कौन करे|                    आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    तमन्ना कौन करे!

    जब दिल था शगुफ़्ता गुल की तरह टहनी काँटा सी चुभती थी, अब एक फ़सुर्दा दिल ले कर गुलशन की तमन्ना कौन करे|                     आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    उम्मीद दोबारा कौन!

    दिल तेरी जफ़ा से टूट चुका अब चश्म-ए-करम आई भी तो क्या, फिर ले के इसी टूटे दिल को उम्मीद दोबारा कौन करे|                आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    पहला इशारा कौन करे

    आदाब-ए-मोहब्बत में भी अजब दो दिल मिलने को राज़ी हैं, लेकिन ये तकल्लुफ़ हाइल है पहला वो इशारा कौन करे|                    आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    तिनकों पे भरोसा!

    जब अपना दिल ख़ुद ले डूबे औरों पे सहारा कौन करे, कश्ती पे भरोसा जब न रहा तिनकों पे भरोसा कौन करे|                    आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    इशारा कौन करे!

    ख़ाली है मिरा साग़र तो रहे साक़ी को इशारा कौन करे, ख़ुद्दारी-ए-साइल भी तो है कुछ हर बार तक़ाज़ा कौन करे|                    आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    रुस्वा कौन करे!

    जब दिल में ज़रा भी आस न हो इज़्हार-ए-तमन्ना कौन करे, अरमान किए दिल ही में फ़ना अरमान को रुस्वा कौन करे|                    आनंद नारायण मुल्ला

  • 7th Feb 2024

    चुनाव! 

    आज एक बार फिर से मैं, हिन्दी के वरिष्ठ कवि एवं संपादक स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| नंदन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह कविता – पहाड़ी के चारों तरफजतन से बिछाई हुई सुरंगों…

←Previous Page
1 … 633 634 635 636 637 … 1,399
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar