तिनकों पे भरोसा!

जब अपना दिल ख़ुद ले डूबे औरों पे सहारा कौन करे,

कश्ती पे भरोसा जब न रहा तिनकों पे भरोसा कौन करे|

                   आनंद नारायण मुल्ला

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