-
तीरगी हो तो वजूद!
तीरगी हो तो वजूद उस का चमकता है बहुत,ढूँड तो लूँगा उसे ‘नूर’ मगर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
-
मुद्दतों से यही आलम!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर- मुद्दतों से यही आलम न तवक्को न उम्मीद!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********
-
यही मिलने का समय भी!
यही मिलने का समय भी है बिछड़ने का भी,मुझ को लगता है बहुत अपने से डर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
-
अपनी ख़बर शाम के बाद!
मेरे बारे में कोई कुछ भी कहे सब मंज़ूर,मुझ को रहती ही नहीं अपनी ख़बर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
-
कोई शजर शाम के बाद!
तुम न कर पाओगे अंदाज़ा तबाही का मिरी,तुम ने देखा ही नहीं कोई शजर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
-
जाने वो कैसे लोग थे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला!फिल्म- प्यासा मुख्य कलाकार- गुरुदत्त, वहीदा रहमान गीतकार- साहिर लुधियानवी संगीतकार- सचिन देव बर्मन गायक- हेमंत कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
-
ये असंगति जिन्दगी के द्वार!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय भारत भूषण जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भारत भूषण जी का यह प्रसिद्ध गीत- ये असंगति जिन्दगी के द्वार सौ-सौ बार रोईबांह में है और कोई चाह में है और कोई साँप के…
-
अव्वल अव्वल की मोहब्बत!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर – अव्वल अव्वल की मोहब्बत के नशे याद तो कर!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद्। ******
-
क़द से बढ़ जाए जो साया!
क़द से बढ़ जाए जो साया तो बुरा लगता है,अपना सूरज वो उठा लेता है हर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
-
फिल्मी गीत-यादों का सफर!
मेरा यूट्यूब लाइव स्ट्रीम आपके अवलोकन/श्रवण हेतु प्रस्तुत है-फिल्मी गीत-यादों का सफर! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******