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शम्अ हर रंग में जलती है!
ग़म-ए-हस्ती का ‘असद’ किस से हो जुज़ मर्ग इलाज,शम्अ हर रंग में जलती है सहर होते तक|‘ मिर्ज़ा ग़ालिब
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जगजीत सिंह जी !
मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के माध्यम से प्रस्तुत है जगजीत सिंह जी की गायी कुछ कुछ ग़ज़लों की झलक- आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******
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ये चांद सा रोशन चेहरा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये चांद सा रोशन चेहरा, जुल्फों का रंग सुनहरा!फिल्म- कश्मीर की कली मुख्य कलाकार- शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर गीतकार- एस. एच. बिहारी संगीतकार- ओ. पी. नैयर गायक- मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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गर्दन पर, कुहनी पर!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी का यह नवगीत- गर्दन पर, कुहनी पर,जमी हुई मैल-सी ।मन की सारी यादेंटूटे खपरैल-सी । आलों पर जमा हुएमकड़ी के जाले,ढिबरी से निकलेधब्बे…
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ख़ाक हो जाएँगे हम!
हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन,ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होते तक| मिर्ज़ा ग़ालिब
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हर कोई अपनी ही आवाज से!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर-हर कोई अपनी ही आवाज से कांप उठता है!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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ख़ून-ए-जिगर होते तक!
आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब,दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक| मिर्ज़ा ग़ालिब
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आह को चाहिए इक उम्र!
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक,कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक| मिर्ज़ा ग़ालिब
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कुछ बातें – कुछ गीत
मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम की प्रति प्रस्तुत है जिसमें मैंने मुकेश जी के कुछ गीतों के साथ श्रोताओं से संवाद किया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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सुमन कल्याणपुर जी की याद!
सुमन कल्याणपुर जी एक श्रेष्ठ गायिका थीं, जिनका हिंदी फिल्मों में अमूल्य योगदान रहा है, इस लाइव प्रस्तुति में मैंने उनके कुछ गीतों के माध्यम से इस महान गायिका को याद किया है। आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******