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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 19th May 2026

    शायद मैं ज़िंदगी की सहर!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में सुदर्शन फाकिर जी के दो और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ जिन्हें जगजीत सिंह जी ने गाया है- शायद मैं ज़िंदगी की सहर ले के आ गया! आशा है आपको यह पसंद आएंगे,धन्यवाद । ******

  • 19th May 2026

    सूरज ज़मीं पे आन पड़े!

    ये ख़ाक-ज़ादे जो रहते हैं बे-ज़बान पड़े,इशारा कर दें तो सूरज ज़मीं पे आन पड़े। राहत इंदौरी

  • 19th May 2026

    खिलौना जानकर तुम तो!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं फिल्म-खिलौना के लिए मोहम्मद रफी जी का गाया गीत अपने स्वर में शेयर कर रहा हूँ जिसे आनंद बक्षी जी ने लिखा था और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल इसके संगीतकार थे- खिलौना जानकर तुम तो मेरा दिल तोड़ जाते हो! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 19th May 2026

    हँसो भाई पेड़!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि तथा नवगीत के प्रमुख हस्ताक्षर स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। माहेश्वर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी का यह नवगीत- कहती है दूबहँसो भाई पेड़बाहर जितना देखते होधरती मेंधसों भाई पेड़ ।…

  • 18th May 2026

    न मेरी आन में था!

    तुझे गँवा के कई बार ये ख़याल आया, तिरी अना ही में कुछ था न मेरी आन में था| वसीम बरेलवी

  • 18th May 2026

    वो जाएदाद का झगड़ा!

    उसी पे हो गया क़ुर्बान दो दिलों का मिलाप,वो जाएदाद का झगड़ा जो ख़ानदान में था| वसीम बरेलवी

  • 18th May 2026

    ज़माना मिरी उड़ान में था!

    परों में सिमटा तो ठोकर में था ज़माने की,उड़ा तो एक ज़माना मिरी उड़ान में था| वसीम बरेलवी

  • 18th May 2026

    तेरे जाने में और आने में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में सुदर्शन फाकिर जी के दो और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएंगे, धन्यवाद। *******

  • 18th May 2026

    दिल जो न कह सका!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में फिल्म- भीगी रात के लिए मोहम्मद रफी जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे मज़रूह सुल्तानपुरी जी ने लिखा था और इसका संगीत तैयार किया था रोशन जी ने- दिल जो न कह सका वही राज़-ए-दिल कहने की रात आई! आशा है आपको…

  • 18th May 2026

    संगीत!

    आज एक बार फिर मैं देश में अपनी तरह के अनूठे श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय भवानीप्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| यह छोटी सी रचना इस बात का उदाहरण है कि भवानी दादा किस प्रकार सहज भाव से चमत्कार पैदा कर देते थे| भवानी दादा की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी…

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