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दुनिया के कारोबार से!
पहले थे जो भी आज मगर कारोबार-ए-इश्क़,दुनिया के कारोबार से मिलता हुआ सा है। शहरयार
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ज़िन्दगी तेरी अता थी!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर –ज़िन्दगी तेरी अता थी सो तेरे नाम की है!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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ज़िंदगी और बता….
अपनी लाइव यूट्यूब प्रस्तुति में मैंने कुछ फिल्मी, गैर फिल्मी गीत, ग़ज़लें आदि प्रस्तुत की थीं जो आपके अवलोकन/श्रवण हेतु प्रस्तुत हैं- ज़िंदगी और बता – ज़िंदगी’ से जुडे कुछ फिल्मी, गैर फिल्मी गीत, ग़ज़लें आदि , संक्षिप्त झलक आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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ले दे के एक दिल है !
नज़राना तेरे हुस्न को क्या दें कि अपने पास,ले दे के एक दिल है सो टूटा हुआ सा है। शहरयार
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दर्दे दिल दर्दे जिगर!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- दर्दे दिल दर्दे जिगर दिल में बसाया आपने! फिल्म- कर्ज़ मुख्य कलाकार- रिशी कपूर, टीना मुनीम गीतकार- आनंद बक्षी संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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बादल भाई!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय भारत यायावर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।यायावर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। उनके निधन से पहले काफी समय तक हम फेसबुक के माध्यम से आपस में चर्चा करते थे।आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भारत यायावर जी की यह कविता- बादल भाई!तुम…
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क्या हादिसा हुआ है!
क्या हादिसा हुआ है जहाँ में कि आज फिर,चेहरा हर एक शख़्स का उतरा हुआ सा है। शहरयार
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क्यूँ वक़्त एक मोड़ पे!
चल चल के थक गया है कि मंज़िल नहीं कोई,क्यूँ वक़्त एक मोड़ पे ठहरा हुआ सा है। शहरयार
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यूं ही मौसम की अदा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर – यूं ही मौसम की अदा देख के याद आया है!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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हर फूल अपनी शाख़ से!
गुलशन में इस तरह से कब आई थी फ़स्ल-ए-गुलहर फूल अपनी शाख़ से टूटा हुआ सा है। शहरयार