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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 27th Sep 2026

    ही मैन धर्मेंद्र जी की याद!

    धर्मेंद्र जी के संबंध में दो रील्स में किया गया यह लाइव स्ट्रीम –हिंदी सिनेमा के अत्यंत प्रतिभाशाली और मेहनती स्टार धर्मेंद्र जी की याद उनके कुछ गीतों के साथ्।धर्मेंद्र जी को हिंदी सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए ‘लाइफ टाइम एचीवमेंट एवार्ड’ तथा देश के उच्चतम नागरिक सम्मानों में से एक पद्मभूषण सम्मान…

  • 27th Sep 2026

    ये जो मोहब्बत है!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम !फिल्म- कटी पतंग मुख्य कलाकार- राजेश खन्ना, आशा पारेख गीतकार-आनंद बक्षी संगीतकार- राहुल देव बर्मन गायक- किशोर कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धंन्यवाद। ******

  • 27th Sep 2026

    आज शाम है बहुत उदास!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी साहित्यकार एवं कवि स्वर्गीय भगवतीचरण वर्मा जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भगवतीचरण वर्मा जी की यह कविता- आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास । दूर कहीं पर हास-विलासदूर कहीं उत्सव-उल्लासदूर छिटक कर कहीं…

  • 26th Sep 2026

    मुझ से रहती है ख़फ़ा!

    दिन तिरे हिज्र में कट जाता है जैसे-तैसे,मुझ से रहती है ख़फ़ा मेरी नज़र शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर

  • 26th Sep 2026

    दिल ये कहता है कि!

    मेरे यूटृयूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर –दिल ये कहता है कि शायद है फसुर्दा तू भी!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

  • 26th Sep 2026

    उस से दरयाफ़्त न करना!

    उस से दरयाफ़्त न करना कभी दिन के हालात,सुब्ह का भूला जो लौट आया हो घर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर

  • 26th Sep 2026

    फूल शहरों में भी खिलते हैं!

    तेज़ हो जाता है ख़ुशबू का सफ़र शाम के बाद,फूल शहरों में भी खिलते हैं मगर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर

  • 26th Sep 2026

    कठपुतली!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।भवानी दादा की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की यह कविता- कठपुतलीगुस्से से उबलीबोली — ये धागेक्यों हैं मेरे पीछे – आगे ? तब तक दूसरी कठपुतलियाँबोलीं…

  • 26th Sep 2026

    ये जीवन है, इस जीवन का!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये जीवन है, इस जीवन का यही है रंग रूप!फिल्म- पिया का घर मुख्य कलाकार- अनिल धवन , जया भादुड़ी गीतकार- आनंद बक्षी संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- किशोर कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******

  • 25th Sep 2026

    यारों के इल्तिफ़ात का!

    लगता है उस की बातों से ये ‘शहरयार’ भी,यारों के इल्तिफ़ात* का मारा हुआ सा है।*मेहरबानी शहरयार

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