कभी यूँ भी आ मिरी आँख में कि मिरी नज़र को ख़बर न हो,
मुझे एक रात नवाज़ दे मगर इस के बा’द सहर न हो।
बशीर बद्र
A sky full of cotton beads like clouds
कभी यूँ भी आ मिरी आँख में कि मिरी नज़र को ख़बर न हो,
मुझे एक रात नवाज़ दे मगर इस के बा’द सहर न हो।
बशीर बद्र
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