Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 27th Apr 2024

    भटकता बादल- रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज,  मैं  फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 26th Apr 2024

    इधर हाँ उधर नहीं!

    क्या कहिए इस तरह के तलव्वुन-मिज़ाज को, वादे का है ये हाल इधर हाँ उधर नहीं| हैरत इलाहाबादी

  • 26th Apr 2024

    अंधेर इस पे ये है कि!

    इक तो शब-ए-फ़िराक़ के सदमे हैं जाँ-गुदाज़, अंधेर इस पे ये है कि होती सहर नहीं| हैरत इलाहाबादी

  • 26th Apr 2024

    हमें लोगों का डर नहीं!

    आ जाएँ रोब-ए-ग़ैर में हम वो बशर नहीं, कुछ आप की तरह हमें लोगों का डर नहीं| हैरत इलाहाबादी

  • 26th Apr 2024

    सामान सौ बरस का है!

    आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं, सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं| हैरत इलाहाबादी

  • 26th Apr 2024

    कुछ ज़हर भी होता है!

    दादा बड़े भोले थे सब से यही कहते थे, कुछ ज़हर भी होता है अंग्रेज़ी दवाओं में|   बशीर बद्र

  • 26th Apr 2024

    मासूम सभाओं में!

    भगवान ही भेजेंगे चावल से भरी थाली, मज़लूम परिंदों की मासूम सभाओं में| बशीर बद्र

  • 26th Apr 2024

    तारीक ख़लाओं में!

    हम चाँद सितारों की राहों के मुसाफ़िर हैं, हम रात चमकते हैं तारीक ख़लाओं में| बशीर बद्र

  • 26th Apr 2024

    पंचवटी पृष्ठ 1  

    आज मैं हिन्दी साहित्य के एक प्रमुख कवि स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| यह उनके एक प्रमुख काव्य ‘पंचवटी’ का प्रथम पृष्ठ है| गुप्त जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त जी की यह कविता – पूज्य पिता के…

  • 25th Apr 2024

    फूलों की ख़ताओं में!

    मौसम का इशारा है ख़ुश रहने दो बच्चों को, मासूम मोहब्बत है फूलों की ख़ताओं में| बशीर बद्र

←Previous Page
1 … 712 713 714 715 716 … 1,532
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar