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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 13th Jun 2024

    ओ प्रिया!

    आज एक बार मैंहिन्दी श्रेष्ठ नवगीतकार स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत-    ओ प्रियापिन्हाऊँ तुम्हें जुही के झुमके। इस फूली संझा के तट पर,आ बैठें बिल्कुल सट-सटकर,दृष्टि कहे जोउसे सुनें…

  • 12th Jun 2024

    बेवफ़ा की बात करें!

    वफ़ा-शिआर कई हैं कोई हसीं भी तो हो, चलो फिर आज उसी बेवफ़ा की बात करें|   साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    किस ख़ुदा की बात!

    हर एक दौर का मज़हब नया ख़ुदा लाया, करें तो हम भी मगर किस ख़ुदा की बात करें| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    मुद्दआ की बात करें!

    उन्हें पता भी चले और वो ख़फ़ा भी न हों, इस एहतियात से क्या मुद्दआ की बात करें| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    वो ख़ुदा की बात करें!

    सज़ा का हाल सुनाएँ जज़ा की बात करें, ख़ुदा मिला हो जिन्हें वो ख़ुदा की बात करें| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    नफ़रतों के जहान में!

    नफ़रतों के जहान में हम को प्यार की बस्तियाँ बसानी हैं, दूर रहना कोई कमाल नहीं पास आओ तो कोई बात बने| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    रंग और नस्ल ज़ात!

    रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब जो भी है आदमी से कमतर है, इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    छीन पाओ तो कोई!

    ज़िंदगी भीक में नहीं मिलती ज़िंदगी बढ़ के छीनी जाती है, अपना हक़ संग-दिल ज़माने से छीन पाओ तो कोई बात बने| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    सर उठाओ तो कोई!

    पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुराओ तो कोई बात बने, सर झुकाने से कुछ नहीं होता सर उठाओ तो कोई बात बने| साहिर लुधियानवी

  • 12th Jun 2024

    मटमैले मेजपोश!

    आज एक बार मैंहिन्दी श्रेष्ठ नवगीतकार और मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय डॉक्टर कुँवर बेचैन जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| आज प्रस्तुत है स्वर्गीय डॉक्टर कुँवर बेचैन जी का यह नवगीत-    जीने का एक दिनमरने के चार।हमने लिए हैं उधार। मटमैले मेज़पोशलँगड़े…

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