Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Jan 2024

    जिस्म की हर बात है!

    जिस्म की हर बात है आवारगी ये मत कहो, हम भी कर सकते हैं ऐसी शायरी ये मत कहो|               जाँ निसार अख़्तर

  • 2nd Jan 2024

    दाम्पत्य!

    आज एक बार फिर मैं वरिष्ठ हिन्दी नवगीतकार श्री बुदधिनाथ मिश्र जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ|  मिश्र जी की बहुत सी रचनाएँ मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री बुदधिनाथ मिश्र जी का यह नवगीत –  नदी की यह खास आदत हैकि झरने के मुखर उन्माद जल…

  • 1st Jan 2024

    आँखों की तरह होती हैं

    आप को देख के जिस वक़्त पलटती है नज़र, मेरी आँखें मिरी आँखों की तरह होती हैं|                मुनव्वर राना

  • 1st Jan 2024

    कुछ उमीदें भी!

    टूट कर ये भी बिखर जाती हैं इक लम्हे में, कुछ उमीदें भी घरोंदों की तरह होती हैं|             मुनव्वर राना

  • 1st Jan 2024

    आरज़ूएँ भी!

    सहमी सहमी हुई रहती हैं मकान-ए-दिल में, आरज़ूएँ भी ग़रीबों की तरह होती हैं|              मुनव्वर राना

  • 1st Jan 2024

    चिड़ियों की तरह!

    उड़ के इक रोज़ बहुत दूर चली जाती हैं, घर की शाख़ों पे ये चिड़ियों की तरह होती हैं|              मुनव्वर राना

  • 1st Jan 2024

    घर में रहते हुए!

    घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हैं, लड़कियाँ धान के पौदों की तरह होती हैं|              मुनव्वर राना

  • 1st Jan 2024

    नववर्ष 2024!

    अनेक समस्याओं से जूझते हुए, दुनिया के बहुत से क्षेत्रों में युद्ध के माहौल में यह साल गुज़र गया और अब कोरोना के मामले फिर से डराने लगे हैं| आखिर आ ही गया नया साल! एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट को संशोधित रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ| नववर्ष का शिशु, धरती पर अपने नन्हे पांव…

  • 31st Dec 2023

    तुम आ गए तो वक़्त!

    वर्ना वही उजाड़ हवेली सी ज़िंदगी, तुम आ गए तो वक़्त ठिकाने से कट गया|               मुनव्वर राना

  • 31st Dec 2023

    ये पेड़ सिर्फ़ बीच में!

    उस पेड़ से किसी को शिकायत न थी मगर, ये पेड़ सिर्फ़ बीच में आने से कट गया|             मुनव्वर राना 

←Previous Page
1 … 659 660 661 662 663 … 1,399
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar