Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 20th Feb 2024

    अनजाने चुपचाप!

    आज एक बार फिर से मैं, हिन्दी के श्रेष्ठ रचनाकार अज्ञेय जी द्वारा संपादित प्रमुख काव्य संकलन ‘तारसप्तक’ में भी शामिल कवि स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की यह कविता – अनजाने…

  • 19th Feb 2024

    दोहराने लगे हैं!

    मौलवी से डाँट खा कर अहले-मक़तब,फिर उसी आयत को दोहराने लगे हैं| दुष्यंत कुमार

  • 19th Feb 2024

    क़तराने लगे हैं!

    मछलियों में खलबली है अब सफ़ीने,उस तरफ़ जाने से क़तराने लगे हैं| दुष्यंत कुमार

  • 19th Feb 2024

    तहख़ाने लगे हैं!

    एक क़ब्रिस्तान में घर मिल रहा है,जिसमें तहख़ानों में तहख़ाने लगे हैं| दुष्यंत कुमार

  • 19th Feb 2024

    क़ानून समझाने लगे हैं!

    वो सलीबों के क़रीब आए तो हमको,क़ायदे-क़ानून समझाने लगे हैं| दुष्यंत कुमार 

  • 19th Feb 2024

    ये कँवल के फूल..!

    अब तो इस तालाब का पानी बदल दो,ये कँवल के फूल कुम्हलाने लगे हैं| दुष्यंत कुमार

  • 19th Feb 2024

    लोग चिल्लाने लगे हैं!

    कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं,गाते-गाते लोग चिल्लाने लगे हैं| दुष्यंत कुमार

  • 19th Feb 2024

    मेघ मल्लार!

    आज एक बार फिर से मैं, हिन्दी के श्रेष्ठ रचनाकार अज्ञेय जी द्वारा संपादित प्रमुख काव्य संकलन ‘तारसप्तक’ में भी शामिल कवि स्वर्गीय प्रभाकर माचवे जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय प्रभाकर माचवे जी की यह कविता – मालव…

  • 18th Feb 2024

    और लहजा भी गया!

    साथ ‘ग़ालिब’ के गई फ़िक्र की गहराई भी, और लहजा भी गया ‘मीर-तक़ी-मीर’ के साथ|     राजेश रेड्डी  

  • 18th Feb 2024

    किसी ज़ंजीर के साथ!

    आदमी ही के बनाए हुए ज़िंदाँ हैं ये सब, कोई पैदा नहीं होता किसी ज़ंजीर के साथ| राजेश रेड्डी

←Previous Page
1 … 624 625 626 627 628 … 1,398
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar