Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 8th Sep 2024

    ज़मीं सख़्त है!

    ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है,बसर हो सके तो बसर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    मैं ज़िंदा हूँ ये!

    मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए,मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    सितम के दौर में हम!

    सितम के दौर में हम अहल-ए-दिल ही काम आए,ज़बाँ पे नाज़ था जिन को वो बे-ज़बाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    उधर भी ख़ाक उड़ी!

    उधर भी ख़ाक उड़ी है इधर भी ख़ाक उड़ी,जहाँ जहाँ से बहारों के कारवाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    हक़ीक़तें हैं सलामत!

    हक़ीक़तें हैं सलामत तो ख़्वाब बहुतेरे,मलाल क्यूँ हो कि कुछ ख़्वाब राएगाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    अरमाँ अभी कहाँ!

    फ़क़ीर-ए-शहर के तन पर लिबास बाक़ी है,अमीर-ए-शहर के अरमाँ अभी कहाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    बहुत घुटन है कोई!

    बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले,अगर सदा न उठे कम से कम फ़ुग़ाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 8th Sep 2024

    मन है!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी नवगीत के अत्यंत वरिष्ठ एवं श्रेष्ठ हस्ताक्षर स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| माहेश्वर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी का यह नवगीत – आज गीतगाने का मन हैअपने कोपाने का…

  • 7th Sep 2024

    यूँ ही मुस्कुराए ज!

    उठाए जा उन के सितम और जिए जा,यूँ ही मुस्कुराए जा आँसू पिए जा| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 7th Sep 2024

    हम सा कोई आवारा!

    सहरा में बगूला भी है ‘मजरूह’ सबा भी,हम सा कोई आवारा-ए-आलम तो नहीं है| मजरूह सुल्तानपुरी

←Previous Page
1 … 622 623 624 625 626 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar