क़तराने लगे हैं!

मछलियों में खलबली है अब सफ़ीने,
उस तरफ़ जाने से क़तराने लगे हैं|

दुष्यंत कुमार

2 responses to “क़तराने लगे हैं!”

  1. अभी लोगों में अशांति है बहन
    बचपन से चलता आया हूँ, अपनी परछाई के पीछे
    अंडरवर्ल्ड और बाहरी दुनिया के बीच
    बिना किसी दिशा में अपने छोटे से स्व के साथ

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