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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 5th Feb 2023

    जुदा आग़ाज़ से अंजाम से दूर!

    जुदा आग़ाज़ से अंजाम से दूर, मोहब्बत इक मुसलसल माजरा है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    इस रंग से शरमा रहा है!

    गुलाबी होती जाती हैं फ़ज़ाएँ, कोई इस रंग से शरमा रहा है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    तेरा दर्द अब तक जागता है!

    जिसे चौंका के तूने फेर ली आँख, वो तेरा दर्द अब तक जागता है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    प्यार तुझ पर आ गया है!

    शिकायत तेरी दिल से करते करते, अचानक प्यार तुझ पर आ गया है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    मोहब्बत को बड़ा धोका रहा है!

    न जी ख़ुश कर सका तेरा करम भी, मोहब्बत को बड़ा धोका रहा है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    निगाहों को बड़ा धोका हुआ है!

    हिजाबों को समझ बैठा मैं जल्वा, निगाहों को बड़ा धोका हुआ है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    कभी आँखों में आँसू आ गया है!

    कभी ख़ुश कर गई मुझको तिरी याद, कभी आँखों में आँसू आ गया है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    मेरी ज़िंदगी मुझ से ख़फ़ा है!

    तिरा ग़म क्या है बस ये जानता हूँ, कि मेरी ज़िंदगी मुझ से ख़फ़ा है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    शब-ए-फ़ुर्क़त मुझे क्या हो गया है!

    समझता हूँ कि तू मुझ से जुदा है, शब-ए-फ़ुर्क़त मुझे क्या हो गया है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 5th Feb 2023

    उस दिन!

    काफी लंबे समय के बाद मैं एक बार फिर से अपने प्रिय फिल्मी गीतकार स्वर्गीय शैलेंद्र जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| लेकिन यह फिल्मी गीत नहीं है| शैलेंद्र जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शैलेंद्र जी का यह प्रेम गीत – उस दिन…

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