Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 6th Aug 2023

    आँखें झपकते रहते हैं!

    भरे हैं रात के रेज़े कुछ ऐसे आँखों में, उजाला हो तो हम आँखें झपकते रहते हैं| गुलज़ार

  • 6th Aug 2023

    ये रोटियाँ हैं ये सिक्के

    ये रोटियाँ हैं ये सिक्के हैं और दाएरे हैं, ये एक दूजे को दिन भर पकड़ते रहते हैं| गुलज़ार

  • 6th Aug 2023

    सरकते रहते हैं!

    कभी रुका नहीं कोई मक़ाम-ए-सहरा में, कि टीले पाँव-तले से सरकते रहते हैं| गुलज़ार

  • 6th Aug 2023

    मान भी लूँ !

    श्रेष्ठ कवियों की कविताएं शेयर करने के क्रम में मैं अभी अज्ञेय जी द्वारा संपादित सप्तकों में शामिल श्रेष्ठ कवियों की कविताएं शेयर कर रहा हूँ और इसके अंतर्गत आज मैं चौथा सप्तक में शामिल एक कवि श्री नंदकिशोर आचार्य जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नंदकिशोर आचार्य…

  • 5th Aug 2023

    बख़िये उधड़ते रहते हैं!

    मुझे तो रोज़ कसौटी पे दर्द कसता है, कि जाँ से जिस्म के बख़िये उधड़ते रहते हैं| गुलज़ार

  • 5th Aug 2023

    चढ़ते उतरते रहते हैं!

    बस एक वहशत-ए-मंज़िल है और कुछ भी नहीं, कि चंद सीढ़ियाँ चढ़ते उतरते रहते हैं| गुलज़ार

  • 5th Aug 2023

    दिन पलटते रहते हैं!

    खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं, हवा चले न चले दिन पलटते रहते हैं| गुलज़ार

  • 5th Aug 2023

    आत्म छलना-2

    श्रेष्ठ कवियों की कविताएं शेयर करने के क्रम में मैं अभी अज्ञेय जी द्वारा संपादित सप्तकों में शामिल श्रेष्ठ कवियों की कविताएं शेयर कर रहा हूँ और इसके अंतर्गत आज मैं चौथा सप्तक में शामिल एक कवि स्वर्गीय स्वदेश भारती जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| उन्होंने इस एक ही शीर्षक से की…

  • 5th Aug 2023

    ऐसी आदत होती है!

    इक कश्ती में एक क़दम ही रखते हैं, कुछ लोगों की ऐसी आदत होती है|     जावेद अख़्तर

  • 5th Aug 2023

    फ़ितरत होती है!

    अपनी महबूबा में अपनी माँ देखें, बिन माँ के लड़कों की फ़ितरत होती है| जावेद अख़्तर

←Previous Page
1 … 888 889 890 891 892 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar