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कब तक प्रतीक्षारत रहें!
आज काफी समय बाद मैं अपने एक अत्यंत प्रिय कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ, जिनका स्नेह पाने का भी अवसर मुझे मिला था| यह रचना कवि सम्मेलनी रचनाओं से बिल्कुल अलग है और सामान्य जन के सपनों और अभिलाषाओं की बात करती है, जिनको राजनीति सिर्फ छलावा देती…
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मेरी एक और कविता
आज फिर से पुराना लिखा हुआ याद आ रहा है, रचना ही कहूँगा इसे भी| जैसा याद आ रहा है, अपनी रचनाओं को शेयर करने के क्रम में इसे भी, जैसा है वैसा ही प्रस्तुत कर रहा हूँ- गीत जो लिखे गए, लिखे गए। किसी एक शर बिंधे, रंगे खग की आकुल चेष्टाओं की छाप,भोगीं…
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अब रात गुजरने वाली है!
आज मैं 1951 में रिलीज़ हुई राजकपूर जी की फिल्म- ‘आवारा’ का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे हसरत जयपुरी जी ने लिखा था और शंकर जयकिशन जी की संगीत जगत की प्रसिद्ध जोड़ी के संगीत निर्देशन में लता मंगेशकर जी ने अपने मधुर कंठ से यह गीत गाया था| लीजिए आज प्रस्तुत है…
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सौ वर्ष बाद!
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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ओ जाने वाले हो सके तो!
कल हमारे प्रिय गायक, महान कलाकार और इंसान मुकेश चंद्र माथुर जी का जन्म दिन है| जिन्हें हम प्रेम से सिर्फ ‘मुकेश’ नाम से पुकारते हैं| उनकी स्मृति में प्रस्तुत आज का यह गीत फिल्म- ‘बंदिनी’ से है, जिसे लिखा था शैलेन्द्र जी ने और इसका संगीत दिया था सचिन देव बर्मन जी ने| मुकेश…
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खामोशी पहचाने कौन!
एक बार फिर से आज मैं अपने अत्यंत प्रिय शायरों में से एक, स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली साहब का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की सुरीली जोड़ी ने बहुत खूबसूरत अंदाज में गाया है| निदा फ़ाज़ली साहब ने कुछ बेमिसाल गीत, ग़ज़लें और दोहे लिखे हैं और यह भी उनमें…
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जनकवि शैलेन्द्र
फिल्मी दुनिया के जनकवि स्वर्गीय शैलेन्द्र जी की मृत्यु होने पर जनकवि बाबा नागार्जुन जी द्वारा उनके प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप लिखी गई एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| इस कविता से मालूम होता कि बाबा नागार्जुन के मन में, फिल्मी दुनिया में सक्रिय अपने इस सृजनशील साथी के प्रति कितना स्नेह, लगाव और आदर…
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वही थोड़ा सा आदमी!
अशोक वाजपेयी जी आधुनिक कवियों की जमात में अग्रिम पंक्ति में नज़र आते हैं| उन्होंने मध्य प्रदेश में और केंद्र में भी सांस्कृतिक उत्थान से जुड़े अनेक पदों को सुशोभित किया| मध्य प्रदेश का ‘भारत भवन’ उनका सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन हेतु बहुत बड़ा कदम था| लीजिए आज प्रस्तुत है, अशोक वाजपेयी जी की यह…
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बस प्यार ही प्यार पले !
आज किशोर कुमार जी द्वारा स्वयं निर्मित फिल्म – ‘दूर गगन की छाँव में’ के लिए उनके ही द्वारा गाया गया एक गीत शेयर कर रहा हूँ, इस गीत का संगीत भी किशोर कुमार जी ने ही दिया है और इसमें उनके पुत्र अमित कुमार की भी आवाज है| कुल मिलाकर ये एक बहुत सुंदर…