Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 16th Aug 2021

    विजयी विश्व तिरंगा प्यारा|

    हमारी स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर मैं अपनी एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, जो मैंने आज से दो वर्ष पूर्व लंदन में रहते हुए लिखी थी, समय के हिसाब से मैंने इसे थोड़ा अद्यतन कर दिया है| कल हमने अपनी महान स्वाधीनता के 75 वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, अमृत…

  • 15th Aug 2021

    वर्ना रो पड़ोगे!

    आज एक बार फिर मैं अपने अग्रज और गुरु तुल्य तथा हिन्दी काव्य मंचों के प्रसिद्ध गीतकार स्वर्गीय डॉक्टर कुँवर बेचैन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| रचना अपना परिचय स्वयं देती है, लीजिए प्रस्तुत है डॉक्टर कुँवर बेचैन जी का यह गीत- बंद होंठों में छुपा लोये हँसी के फूलवर्ना रो पड़ोगे।…

  • 14th Aug 2021

    बतावत आपनो नाम सुदामा!

    नरोत्तम दास जी द्वारा लिखित ‘सुदामा चरित’ का प्रसंग आज याद आ रहा है| बचपन में अपनी पाठ्य पुस्तकों में हम यह प्रसंग पढ़ चुके हैं| शायद यह भी सही है कि उस समय हमारा मन इतना पवित्र होता है कि इस तरह के प्रसंग हमारे कोमल मन में गहरा स्थान बना लेते हैं| ऐसे…

  • 13th Aug 2021

    सियासत अंधेरों का घर हो गई!

    हिन्दी काव्य मंचों के प्रसिद्ध गीतकार जो ओजपूर्ण कविता और सरस गीतों के लिए प्रसिद्ध थे, स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी की लिखी एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| मैंने पहले भी शेयर किए हैं, आज प्रस्तुत है यह गीत| रचना अपना परिचय स्वयं देती है, लीजिए प्रस्तुत है यह प्रेम में कुछ अलग ही परिस्थितियों…

  • 12th Aug 2021

    अपने बस में आज न हूँ मैं!

    हिन्दी काव्य मंचों के एक अद्वितीय गीतकार जिनकी उपस्थिति से मंच को गरिमा और ऊंचाई मिलती थी, ऐसे स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक और गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भारत भूषण जी के अनेक गीत मैंने पहले भी शेयर किए हैं, आज प्रस्तुत है यह गीत| रचना अपना परिचय स्वयं देती है, लीजिए…

  • 11th Aug 2021

    ना समझे वो अनाड़ी हैं!

    कल राज कपूर जी की ‘आवारा’ फिल्म का एक गीत शेयर किया था, आज उनकी ही फिल्म ‘अनाड़ी’ का एक गीत याद आ रहा है| कल के गाने में भी राजकपूर थे, उनकी नायिका तो होगी ही, लेकिन आज की फिल्म में नायिका नर्गिस जी नहीं ‘नूतन जी थीं, एक बात और है, इन दोनों…

  • 10th Aug 2021

    दम भर जो उधर मुँह फेरे!

    आज मुकेश जी और लता जी का एक रोमांटिक युगल गीत याद आ रहा है| गीतकार शैलेन्द्र जी का लिखा यह गीत, 1951 में रिलीज़ हुई फिल्म-‘आवारा’ में राज कपूर और नर्गिस की सदाबहार जोड़ी पर फिल्माया गया था और इसका मधुर संगीत शंकर-जयकिशन की संगीतमय जोड़ी ने तैयार किया था| हमारे कवि-रचनाकार चांद से…

  • 9th Aug 2021

    आदमी मुसाफ़िर है !

    फिल्मी के अत्यंत प्रसिद्ध और सफल गीतकार स्वर्गीय आनंद बख्शी जी का लिखा एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| इस गीत में बहुत सरल शब्दों में जीवन दर्शन की कुछ बातें की गई हैं| लीजिए प्रस्तुत है आनंद बख्शी जी का लिखा यह गीत- आदमी मुसाफ़िर है आता है जाता है,आते-जाते रस्ते में यादें…

  • 8th Aug 2021

    हिंदोस्तान तेरा है|

    आज अशोक चक्रधर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| अशोक जी वैसे तो हास्य-व्यंग्य के कवि हैं, लेकिन इस कविता का तेवर कुछ अलग ही है| बाकी बात तो कविता खुद ही कहेगी| लीजिए प्रस्तुत है अशोक चक्रधर जी की यह कविता – तू गर दरिन्दा है तो ये मसान तेरा है,अगर परिन्दा…

  • 7th Aug 2021

    भारत माता ग्रामवासिनी!

    छायावाद युग के एक स्तंभ, स्वर्गीय सुमित्रानंदन पंत जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| इस कविता को देखकर यह भी आभास होता है कि अब तक कविता कितनी बदल गया है| इस कविता में पंत जी ने उस समय की भारत माता की दयनीय स्थिति का मार्मिक चित्रण किया है| लीजिए प्रस्तुत…

←Previous Page
1 … 1,385 1,386 1,387 1,388 1,389 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar