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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 5th Sep 2021

    सौंदर्यपूर्ण अस्तित्व !

    आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक कविता के कुछ भाग का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स सौन्दर्यपूर्ण अस्तित्व सुंदरता…

  • 4th Sep 2021

    रास्ते का पत्थर!

    आज मैं हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत फिल्म- ‘रास्ते की पत्थर’ का टाइटल सांग है और इसे अमिताभ बच्चन जी पर फिल्माया गया है| आनंद बक्षी जी के लिखे इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी की जोड़ी ने तैयार किया है और…

  • 3rd Sep 2021

    तू भी सो जा, सो गई रंग भरी शाम!

    आज जनकवि शैलेन्द्र जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ| अभी 30 अगस्त को ही उनकी जन्मतिथि थी| शैलेन्द्र जी राजकपूर जी की टीम में थे और उन्होंने उनकी फिल्मों के लिए और अन्य कलाकारों के लिए भी अनेक यादगार गीत लिखे| शैलेन्द्र एक ऐसे सृजनशील रचनाकार थे जिनको फिल्मी दुनिया की चकाचौंध…

  • 2nd Sep 2021

    बदनाम न हो प्यार मेरा!

    आज मैं एक बार फिर से हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी और लता जी का गाया एक युगल गीत शेयर कर रहा हूँ, 1953 में रिलीज़ हुई राज कपूर जी की फिल्म- ‘आह’ के लिए इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी जी ने और शंकर – जयकिशन की संगीतमय जोड़ी के संगीत निर्देशन…

  • 1st Sep 2021

    हाट-बाज़ारों बिक न सका मैं!

    आज मैं कुशल गीतकार नईम जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| नईम जी ने इस नवगीत में कवि की निष्ठा और प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है| बाकी कविता अपनी बात स्वयं कहती है| लीजिए प्रस्तुत है ये गीत- लिखने जैसा लिख न सका मैंसिकता रहा भाड़ में लेकिन,ठीक तरह से सिक न सका…

  • 31st Aug 2021

    इससे पहले कि बेवफा हो जाएं !

    आज एक बार फिर मैं भारतीय उपमहाद्वीप के बहुत विख्यात शायर अहमद फराज़ साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| फराज़ साहब अपने अंदाज़ ए बयां और बेहतरीन ग़ज़लों के लिए जाने जाते थे और वे पाकिस्तान के संभवतः सबसे प्रसिद्ध शायरों में शामिल थे| लीजिए आज फराज़ साहब की इस ग़ज़ल का आनंद…

  • 30th Aug 2021

    अगर रिश्ते नहीं ढोते !

    आज एक बार फिर मैं अपने अत्यंत प्रिय कवि स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| इस गीत में रंजक जी ने इस स्थिति पर प्रहार किया है कि लोग ज़िंदगी भर औपचारिकताओं को ढोते हैं| क्या ही अच्छा हो कि हम प्रेम के संबंध जिए और मात्र औपचारिकता वाले रिश्तों…

  • 29th Aug 2021

    सार्वजनिक ज़िंदगी!

    आज मैं स्वर्गीय सुदामा प्रसाद पांडे जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ, जिनको कविता की दुनिया में ‘धूमिल’ नाम से जाना जाता था| धूमिल जी के पास चीजों और घटनाओं को देखने का अलग ही नजरिया था, एक अलग मुहावरा था, जिसमें वे आम आदमी की स्थितियों का बड़ा सटीक वर्णन करते थे|…

  • 28th Aug 2021

    चांदनी जगाती है!

    हिन्दी साहित्य का एक जगमगाता सितारा थे स्वर्गीय धर्मवीर भारती जी| विख्यात साप्ताहिक पत्रिका ‘धर्मयुग’ का सफल संपादन तो उन्होंने लंबे समय तक किया ही, उनका अमूल्य योगदान साहित्य की सभी विधाओं- कविता, कहानी, उपन्यास आदि में उल्लेखनीय है| मैंने पहले भी उनकी कुछ रचनाएं शेयर की हैं, आज एक और रचना शेयर कर रहा…

  • 27th Aug 2021

    कविता – पाबलो नेरुदा

    आज फिर से, लंबे अंतराल के बाद, मैं विख्यात कवि नोबेल पुरस्कार विजेता- श्री पाब्लो नेरुदा की मूल रूप से ‘स्पेनिश’ भाषा में लिखी गई एक कविता के अंग्रेजी अनुवाद के आधार पर उसका भावानुवाद और उसके बाद अंग्रेजी में अनूदित कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के…

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