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हम सिगार से जला किए!
आज स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ, जिसमें उन्होंने बड़े खूबसूरत तरीके से कहा है कि किस प्रकार ज़िंदगी ने हमारी हालत, राखदान में पड़े सिगार जैसी कर दी है| राखदान में सुलगता सिगार, जो मदिरा पान, संगीत और राजनैतिक गतिविधियों तथा बहस आदि का भी साक्षी बनता है| लीजिए…
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तनहाइयों के पेड़ से अटकी पतंग हूँ!
सूर्यभानु गुप्त जी की एक ग़ज़ल आज शेयर कर रहा हूँ| सूर्यभानु जी की ग़ज़लों में वह चमत्कार अक्सर शामिल होता है, जिसकी अच्छी कविता से उम्मीद की जाती है| उनकी एक बहुत खूबसूरत ग़ज़ल जो मैंने पहले शेयर की है, उसका एक शेर दोहराना चाहूँगा- एक अच्छा शेर कह के मुझको ये महसूस हुआ,बहुत…
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एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम!
आज ज़नाब क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल के कुछ शेर शेयर कर रहा हूँ| क़तील साहब भारतीय उपमहाद्वीप के जाने-माने शायर रहे हैं और उनकी ग़ज़लें ग़ुलाम अली साहब और जगजीत सिंह जी जैसे प्रमुख ग़ज़ल गायकों ने गाई हैं| लीजिए आज क़तील शिफ़ाई साहब की इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए, जिसे जगजीत सिंह-चित्रा…
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रेत पे क्या लिखते रहते हो!
आज मोहसिन नक़वी साहब की एक ग़ज़ल के कुछ शेर, शेयर कर रहा हूँ, इसके कुछ शेर ग़ुलाम अली साहब ने भी गाए हैं| ग़ज़ल में कुछ बहुत सुंदर शेर हैं और ग़ुलाम अली साहब की अदायगी तो लाजवाब है ही| लीजिए इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए- इतनी मुद्दत बाद मिले हो, किन सोचों में…
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दो पल के जीवन से, एक उम्र चुरानी है!
संतोषानंद जी के बहाने आज की बात करना चाहूँगा| मेरे विचार में संतोषानंद जी इसका उदाहरण हैं, कि किस प्रकार साहित्य की शुद्धतावादी मनोवृत्ति वास्तव में कविता को ही नुकसान पहुंचाती है| संतोषानंद जी की आज जो स्थिति हो गई है, उसके पीछे उनके पुत्र के साथ हुआ हादसा जिम्मेदार है, मैं उसको भूलते हुए,…
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ओर छोर छप्पर का टपके!
आज वरिष्ठ कवि और बहुत अच्छे इंसान- श्री सत्यनारायण जी के बारे में कुछ बात करूंगा, जो एक श्रेष्ठ कवि हैं, पटना में रहते हैं, शत्रुघ्न सिन्हा जी के मित्र और पड़ौसी हैं और सबसे बड़ी बात कि साहित्यिक गरिमा के साथ कवि सम्मेलन का श्रेष्ठ संचालन करते हैं| पहली बार मैंने उनके संचालन में…
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अभिनंदन के शाल-दुशाले!
स्वर्गीय भाई किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए और उनके एक गीत का सहारा लेते हुए कुछ बातें कहना चाहूँगा| यह गीत मैंने पहले भी एक से अधिक बार शेयर किया है, आज इसका सहारा लेकर कुछ बातें कहने का मन है| किशन जी से कवि सम्मेलनों के सिलसिले में कुछ बार भेंट हुई…
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जाने कौन आस-पास होता है!
गुलज़ार साहब अपनी शायरी में और फिल्मी गीतों में भी एक्सपेरीमेंट करने के लिए जाने जाते हैं| एक अलग तरह का चमत्कार अक्सर उनकी शायरी और गीतों में देखा जाता है| लीजिए आज प्रस्तुत है गुलज़ार साहब का यह गीत – जब भी यह दिल उदास होता है,जाने कौन आस-पास होता है| होंठ चुपचाप बोलते…