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फूटा प्रभात!
सुमधुर गीतों के अमर रचयिता स्वर्गीय भारत भूषण जी के अनेक सुंदर गीत मैंने अपनी ब्लॉग पोस्ट्स के माध्यम से शेयर किए हैं| आज सोचता हूँ कि उनके हमनाम स्वर्गीय भारत भूषण अग्रवाल जी की एक रचना शेयर करूं | भारत भूषण अग्रवाल जी को साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए थे…
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दुख के मुका़बिल खड़े हुए हैं!
आज श्री राजेश रेड्डी जी एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ, राजेश जी एक विख्यात शायर हैं और अनेक ग़ज़ल गायकों ने भी उनकी ग़ज़लें गयी हैं| लीजिए आज प्रस्तुत श्री राजेश रेड्डी जी की एक ग़ज़ल- दुख के मुका़बिल खड़े हुए हैं,हम गुर्बत में बड़े हुए हैं| मेरी मुस्कानों के नीचे,ग़म के खज़ाने गड़े…
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तेरे घर में आईना भी है!
आज मैं स्वर्गीय राहत इन्दौरी साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| ग़ज़ल की खूबसूरती इसमें होती है कि कम शब्दों में सादगी के साथ बड़ी बात कह दी जाती है और राहत इन्दौरी साहब इस काम में पूरी तरह माहिर थे| लीजिए प्रस्तुत है ज़नाब राहत इन्दौरी साहब की यह ग़ज़ल- जो मेरा…
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धागों बिंधे ग़ुलाब हमारे पास नहीं!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ| आज मन है कि अत्यंत सरल हृदय, प्रेम गीतों के बादशाह और स्वाभिमानी कवि स्वर्गीय किशन सरोज जी का स्मरण करूं| प्रसिद्ध गीत कवि स्व. श्री किशन सरोज जी का स्मरण करते हुए उनका एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ, वैसे तो उनका…
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रंगीन खिलौने – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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हम हैं अनाड़ी!
आज 1959 में रिलीज हुई फिल्म -अनाड़ी, का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे शैलेन्द्र जी ने लिखा है और शंकर जयकिशन जी ने इसका संगीत दिया है| इस गीत के लिए गीत लेखन, संगीत और गायन तीनों श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ होने के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किए गए थे| राजकपूर साहब पर फिल्माए…
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पर दिलों पर हुक़ूमत हमारी रही!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| यह उस समय की एक पोस्ट है जब मैं अपने जीवन के विभिन्न पड़ावों, सेवा स्थलों के अनुभवों के बारे में लिख रहा था| ये सभी पुरानी ब्लॉग पोस्ट आप कभी फुर्सत में पढ़ सकते…
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संसार है एक नदिया!
साथियो आज मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ 1975 में रिलीज़ हुई फ़िल्म- ‘रफ्तार’ का एक गीत जिसे – अभिलाष जी ने लिखा था। इस शानदार गीत को मेरे परम प्रिय गायक मुकेश जी ने आशा भौंसले जी के साथ गाया था और इसके लिए संगीत दिया था सोनिक जी ने। इस गीत को…
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मनवा तो सावन -सावन रहा!
आज फिर से अपने प्रिय कवियों में से एक, माननीय सोम ठाकुर जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| अपने संस्थान में कवि सम्मेलनों के आयोजन के क्रम में आदरणीय सोम जी से अनेक बार भेंट हुई थी| मुझे एक प्रसंग विशेष याद आ रहा है, जब सोम जी संचालन कर रहे थे, तब…
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आओ कि कोई ख़्वाब बुनें कल के वास्ते!
साहिर लुधियानवी साहब हिंदुस्तान के जाने-माने शायर थे, जिनके गीतों और शायरी का हमारी फिल्मों में भी खूब इस्तेमाल किया गया है| साहिर साहब बहुत स्वाभिमानी व्यक्ति थे, पहले फिल्मों में शायर का नाम नहीं लिखा जाता था| साहिर साहब ने यह शर्त रखी कि मैं फिल्म के लिए गीत तभी लिखूंगा, जब मेरा नाम…