-
बस एक निगाह प्यार की!
आज मोहम्मद रफी साहब का एक गाना शेयर कर रहा हूँ| रफी साहब ने हर तरह के गाने गाए हैं, और आज का गाना मस्ती से भरा हुआ है| वर्ष 1965 में रिलीज़ हुई फिल्म- मेरे सनम के लिए मजरूह सुल्तानपुरी साहब के लिखे इस गीत का संगीत दिया है ओ पी नैयर साहब ने|…
-
इस अंधेरी कोठरी में एक रोशनदान है !
आज दुष्यंत कुमार जी की लिखी एक और ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ, जो आपातकाल में लिखी गई उनकी ग़ज़लों में शामिल थी और जिसको उनके संकलन ‘साये में धूप’ में शामिल किया गया था| इसमें सभी रचनाएँ आपातकाल के विरोध में आन्दोलनधर्मी ग़ज़लें थीं| उस समय आपातकाल के विरोध में जयप्रकाश नारायण जी के…
-
आना-जाना रहे, रहे ना रहे!
आज फिर से प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग,जो मेरे लिए अविस्मरणीय है। दिल्ली में सरकारी सेवा के दौरान ही मैंने स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की एक और परीक्षा दी, जो हिंदी अनुवादक के पद पर चयन के लिए थी। इस परीक्षा में मैं सफल हुआ और उसके आधार पर ही आकाशवाणी, जयपुर में अनुवादक पद…
-
चांद आहें भरेगा!
आज एक बार फिर मैं अपने प्रिय गायक- मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर करूंगा| नायिका के सौंदर्य का वर्णन करने वाले अनेक गीत आपने सुने होंगे, लेकिन इस ऊंचाई वाला गीत बहुत मुश्किल से सुनने को मिलता है, और फिर मुकेश जी की आवाज़ तो इसमें अलग से जान डाल ही रही है|…
-
फिर भी हम अकेले हैं!
आज एक गीत शेयर कर रहा हूँ जो सबा अफ़गानी जी का लिखा हुआ है और जहां तक मुझे याद था, मैंने इसे बहुत पहले अनूप जलोटा जी की आवाज में सुना था, लेकिन अब मालूम हुआ की ये टी सीरीज़ की ओर से ‘कसम तेरी कसम’ की एल्बम के लिए सोनू निगम जी की…
-
सुख से डर!
हिन्दी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| भवानी दादा का कविता लेखन का अपना अलग ही अंदाज़ था, अक्सर वे बातचीत के लहज़े में कविता लिखते थे| भारतीय ज्ञानपीठ सहित अनेक साहित्यिक और राष्ट्रीय पुरस्कारों से विभूषित भवानी दादा हिन्दी साहित्य की अमूल्य धरोहर…
-
मेरी आत्मा की ये आवाज़ है!
हिन्दी फिल्मों के प्रमुख गीतकार और श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय- पंडित भरत व्यास जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भरत व्यास जी का गीत लेखन का अपना अलग अंदाज़ था और एक बात यह कि उनकी रचनाओं में उनकी अटूट आस्था दिखाई देती है| इत्तफाक से एक बात याद आ रही है कि…
-
सूराख पत्थरों में होते न उँगलियों से!
आज स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ, स्वर्गीय त्यागी जी अपने अलग तेवरों के लिए जाने जाते थे| आज की इस ग़ज़ल में भी उन्होंने कविता लेखन के बारे में कुछ अच्छी बात की है, लीजिए इसका आनंद लीजिए- जा पास मौलवी के या पूछ जोगियों से।सूराख पत्थरों में होते…
-
अँधेरे का सफ़र मेरे लिए है!
एक बार फिर से आज, हिन्दी कवि सम्मेलनों को अपने सुरीले गीतों से चमत्कृत करने वाले स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| अवस्थी जी की काव्य मंचों पर अपनी एक अलग पहचान थी, मुझे आशा है कि आपको यह गीत भी अलग तरह का लगेगा- तुम्हारी चाँदनी का क्या करूँ…
-
इन आँखों का हर इक आँसू ,मुझे मेरी क़सम दे दो!
प्रसिद्ध शायर और फिल्मी गीतकार- जनाब मेहंदी अली खान साहब का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उन्होंने फिल्मों को अनेक सुंदर गीत दिए हैं और 1964 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘आपकी परछाइयाँ’ का यह गीत भी काफी लोकप्रिय हुआ था| मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में यह गीत लता मंगेशकर जी ने…