Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 19th Feb 2023

    किसी का सोचना अच्छा लगा!

    सुरमई आँखों के नीचे फूल से खिलने लगे, कहते कहते कुछ किसी का सोचना अच्छा लगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 19th Feb 2023

    वो किसी का देखना अच्छा लगा!

    भीड़ में इक अजनबी का सामना अच्छा लगा, सब से छुपकर वो किसी का देखना अच्छा लगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 19th Feb 2023

    तुझसे गिला नहीं करते!

    ये और बात है तुझसे गिला नहीं करते, जो ज़ख़्म तूने दिए हैं भरा नहीं करते| अमजद इस्लाम अमजद

  • 19th Feb 2023

    साथी, सांझ लगी अब होने!

    हिन्दी गीत विधा में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले, अपने समय में कवि सम्मेलनों की शान रहे स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी की एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| इस कविता में बच्चन जी ने शाम के कुछ चित्र प्रस्तुत किए हैं| बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए…

  • 18th Feb 2023

    तिरा तज़्किरा निकल आया!

    मिरी ग़ज़ल में किसी बेवफ़ा का ज़िक्र न था, न जाने कैसे तिरा तज़्किरा निकल आया| राजेश रेड्डी

  • 18th Feb 2023

    वही दुख मिरा निकल आया!

    दुआ सलाम से आगे जो थोड़ी बात बढ़ी, जो उसका दुख था वही दुख मिरा निकल आया| राजेश रेड्डी

  • 18th Feb 2023

    नया फ़ासला निकल आया!

    बढ़े कुछ इस तरह दोनों ही दोस्ती की तरफ़, कि दरमियाँ में नया फ़ासला निकल आया| राजेश रेड्डी

  • 18th Feb 2023

    मिरे क़द से बड़ा निकल आया!

    ये मेरा अक्स है या और है कोई मुझ में, कि जिसका क़द मिरे क़द से बड़ा निकल आया| राजेश रेड्डी

  • 18th Feb 2023

    नया ज़ाइक़ा निकल आया!

    कुछ आज अश्कों की लज़्ज़त नई नई सी है, पुराने ग़म का नया ज़ाइक़ा निकल आया| राजेश रेड्डी

  • 18th Feb 2023

    दोस्त मिरा आईना निकल आया!

    इक और नाम जुड़ा दुश्मनों के नामों में, इक और दोस्त मिरा आईना निकल आया| राजेश रेड्डी

←Previous Page
1 … 881 882 883 884 885 … 1,390
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar