Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 1st Nov 2023

    आँसुओं से आती है!

    हमारी आँखों को मैला तो कर दिया है मगर, मोहब्बतों में चमक आँसुओं से आती है| मुनव्वर राना

  • 1st Nov 2023

    मुश्किलों से आती है!

    हमीं अकेले नहीं जागते हैं रातों में, उसे भी नींद बड़ी मुश्किलों से आती है| मुनव्वर राना

  • 1st Nov 2023

    ख़बर तुम्हारी भी!

    तुम्हारे जिस्म की ख़ुश्बू गुलों से आती है, ख़बर तुम्हारी भी अब दूसरों से आती है| मुनव्वर राना

  • 1st Nov 2023

    दिल्ली जाने का समय!  

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय शलभ श्रीराम सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| उनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शलभ श्रीराम सिंह जी की यह कविता – बचपन की मुस्कुराहटों पररखे जा रहे हैं पत्थरगिरवी रखे जा रहे…

  • 31st Oct 2023

    दुनिया नई पैदा करें!

    इस पुरानी बेवफ़ा दुनिया का रोना कब तलक, आइए मिल-जुल के इक दुनिया नई पैदा करें| नज़ीर बनारसी

  • 31st Oct 2023

    कोई दूसरा धंदा करें!

    कीजिएगा रहज़नी कब तक ब-नाम-ए-रहबरी, अब से बेहतर आप कोई दूसरा धंदा करें| नज़ीर बनारसी

  • 31st Oct 2023

    घर का दरवाज़ा करें!

    सुन रहा हूँ कुछ लुटेरे आ गए हैं शहर में, आप जल्दी बंद अपने घर का दरवाज़ा करें| नज़ीर बनारसी

  • 31st Oct 2023

    दुनिया से हम पर्दा करें!

    जी में आता है कि दें पर्दे से पर्दे का जवाब, हम से वो पर्दा करें दुनिया से हम पर्दा करें| नज़ीर बनारसी

  • 31st Oct 2023

    बाज़ार तो ऊँचा करें!

    चढ़ के सूली पर ख़रीदेंगे ख़रीदार आपको, आप अपने हुस्न का बाज़ार तो ऊँचा करें| नज़ीर बनारसी

  • 31st Oct 2023

    हुस्न तो पैदा करें!

    हुस्न ख़ुद आए तवाफ़-ए-इश्क़ करने के लिए, इश्क़ वाले ज़िंदगी में हुस्न तो पैदा करें| नज़ीर बनारसी

←Previous Page
1 … 696 697 698 699 700 … 1,399
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar