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उषा!
अज्ञेय जी द्वारा संपादित दूसरा सप्तक के कवियों की रचनाएं शेयर करने के क्रम में आज स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की एक और कविता शेयर कर रहा हूँ| शमशेर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की यह कविता – प्रात नभ…
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आसमाँ कुछ भी नहीं!
आसमाँ कुछ भी नहीं अब तेरे करने के लिए, मैं ने सब तय्यारियाँ कर ली हैं मरने के लिए| शहरयार
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वृक्षत्व!
अज्ञेय जी द्वारा संपादित दूसरा सप्तक के कवियों की रचनाएं शेयर करने के क्रम में आज स्वर्गीय नरेश मेहता जी की एक और कविता शेयर कर रहा हूँ| मेहता जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेश मेहता जी की यह कविता – माधवी के नीचे…