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पनघट!
आज एक बार फिर मैं हिन्दी के प्रसिद्ध व्यंग्यकार और कवि स्वर्गीय रवींद्रनाथ त्यागी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| त्यागी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रवींद्रनाथ त्यागी जी की यह कविता – ग्राम अलका अप्सराएँपनघट पर नीर भरे! सुन्दर सजीले अंगअचल हिले…