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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 10th Jan 2026

    रोज़ जगाती है हमें!

    याद तेरी कभी दस्तक कभी सरगोशी से,रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें| शहरयार

  • 10th Jan 2026

    दिन ढले यूँ तिरी!

    सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें,दिन ढले यूँ तिरी आवाज़ बुलाती है हमें| शहरयार

  • 10th Jan 2026

    सुंदर कांड-अंतिम भाग

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मुकेश जी द्वारा गाए गए सुंदर कांड के अंतिम भाग का कुछ अंश अपने स्वर मे प्रस्तुत कर रहा हूँ- विनय न मानहि जलधि जड़, गए तीन दिन बीत आशा है आपको यह पसंद आएगाधन्यवाद । ******

  • 10th Jan 2026

    ये ज़मीं चाँद से!

    ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें,ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें| शहरयार

  • 10th Jan 2026

    ख़ौफ़ में डूबे हुए !

    ख़ौफ़ में डूबे हुए शहर की क़िस्मत है यही,मुंतज़िर रहता है हर शख़्स कि क्या होता है| मुनव्वर राना

  • 10th Jan 2026

    कहीं दूर जब दिन ढल जाए!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में आनंद फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया यह प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- कहीं दूर जब दिन ढल जाए! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ****

  • 10th Jan 2026

    दिल्ली! (कविता)

    आज मैं हिंदी के अत्यंत श्रेष्ठ कवि तथा राष्ट्रकवि के रूप में सम्मान पाने वाले स्वर्गीय रामधारी सिंह दिनकर जी की एक अलग किस्म की रचना शेयर कर रहा हूँ। दिनकर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रामधारी सिंह दिनकर जी की यह कविता –…

  • 9th Jan 2026

    मुस्तक़िल ज़ख़्म का!

    मैं भुलाना भी नहीं चाहता इस को लेकिन, मुस्तक़िल ज़ख़्म का रहना भी बुरा होता है| मुनव्वर राना

  • 9th Jan 2026

    देखा हुआ होता है!

    सारी दुनिया का सफ़र ख़्वाब में कर डाला है,कोई मंज़र हो मिरा देखा हुआ होता है| मुनव्वर राना

  • 9th Jan 2026

    रमैया वस्तावैया!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं फिल्म – श्री 420 के एक समूह गान का मुकेश जी द्वारा गाया गया भाग अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- रस्ता वही और मुसाफिर वहीएक तारा न जाने कहाँ छुप गया। आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******

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