Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 26th Jul 2026

    हमने ही आज़माने में!

    लतीफ़ था वो तख़य्युल से ख़्वाब से नाज़ुक, गँवा दिया उसे हम ने ही आज़माने में| जावेद अख़्तर

  • 26th Jul 2026

    यहां तो सिर्फ गूंगे …

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत हैं दुष्यंत कुमार जी की ग़ज़ल के अंतिम दो शेर-यहां तो सिर्फ गूंगे और बहरे लोग बसते हैं! आशा है आपको ये पसंद आएंगे,धन्यवाद। *******

  • 26th Jul 2026

    जो मुंतज़िर न मिला!

    जो मुंतज़िर न मिला वो तो हम हैं शर्मिंदा,कि हम ने देर लगा दी पलट के आने में| जावेद अख़्तर

  • 26th Jul 2026

    तू कहे अगर जीवन भर!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- तू कहे अगर जीवन भर मैं गीत सुनाता जाऊँ फिल्म- अंदाज़ मुख्य कलाकार- दिलीप कुमार, राज कपूर, नर्गिसगीतकार- मजरुह सुल्तानपुरी संगीतकार- नौशाद गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 26th Jul 2026

    क्यों आखिर क्यों!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नंदन जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह कविता- हो गई क्या हमसेकोई भूल?बहके-बहके लगने लगे फूल! अपनी समझ में तोकुछ नहीं किया,अधरों पर उठ रही शिकायतेंसिया,फूँक-फूँक…

  • 25th Jul 2026

    वो शक्ल पिघली तो!

    वो शक्ल पिघली तो हर शय में ढल गई जैसे,अजीब बात हुई है उसे भुलाने में| जावेद अख़्तर

  • 25th Jul 2026

    मिसाल इस की कहाँ!

    मिसाल इस की कहाँ है कोई ज़माने में,कि सारे खोने के ग़म पाए हम ने पाने में| जावेद अख़्तर

  • 25th Jul 2026

    ये एक उम्मीद आज भी!

    कभी तो इंसान ज़िंदगी की करेगा इज़्ज़त,ये एक उम्मीद आज भी दिल में पल रही है| जावेद अख़्तर

  • 25th Jul 2026

    कई फाके बिताकर!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में दुष्यंत कुमार जी का एक और शेर- कई फाके बिताकर मर गया जो उसके बारे में! दुष्यंत कुमार जी हिंदी के एक प्रमुख कवि थे जिन्होंने आपात काल में क्रांतिकारी ग़ज़लें लिखी थीं जिनको ‘साये में धूप’ नाम संकलन में प्रकाशित किया गया…

  • 25th Jul 2026

    मिरे दिल को खल रही है!

    मैं जानता हूँ कि ख़ामुशी में ही मस्लहत है,मगर यही मस्लहत मिरे दिल को खल रही है| जावेद अख़्तर

←Previous Page
1 … 53 54 55 56 57 … 1,523
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar