-
दुनिया में हमारा दिल ही तो है!
फिल्म ‘दिल ही तो है’ के शीर्षक से संबंधित दो बहुत खूबसूरत गीत साहिर लुधियानवी जी ने लिखे थे जिनको रोशन जी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने अपने अनोखे अंदाज़ में गाया था। इनमें से एक गीत मैं आज, अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जो मस्ती के मूड में है- दिल…
-
यूँही कब तलक ख़ुदाया!
ये रुके रुके से आँसू ये दबी दबी सी आहें,यूँही कब तलक ख़ुदाया ग़म-ए-ज़िंदगी निबाहें| मजरूह सुल्तानपुरी
-
उनको प्रणाम!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि बाबा नागार्जुन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। आगार्जुन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है जनकवि बाबा नागार्जुन जी की यह कविता– जो नहीं हो सके पूर्ण–काममैं उनको करता हूँ प्रणाम । कुछ कंठित औ’ कुछ…
-
ले गया हमराह अपने!
ले गया हमराह अपने वो मकाँ और बाम-ओ-दर,है नज़र सब कुछ मगर इक बे-मकानी दे गया| नज़र कानपुरी
-
फिर से जवानी दे गया!
बज़्म में बे-पर्दा आया मुस्कुरा कर सामने,ना-तवाँ दिल को मिरे फिर से जवानी दे गया| नज़र कानपुरी
-
भोज के बाद पंडित जी!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से कुछ हल्का फुल्का प्रसंग- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
-
अलफ़ाज़-ओ-मा’नी दे गया!
थी ग़ज़ल मेरी बहुत बे-रब्त बे-कैफ़-ओ-असर,वो मिरे अशआ’र को अलफ़ाज़-ओ-मा’नी दे गया| नज़र कानपुरी
-
बद-गुमानी दे गया!
बात भी इतनी कि बस उस ने किया मुझ को सलाम,हाँ मगर लोगों के दिल में बद-गुमानी दे गया| नज़र कानपुरी
-
कल चौदहवीं की रात थी!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में इब्न-ए-इंशा साहब की लिखी प्रसिद्ध ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह जी ने बड़ी खूबसूरती से गाया है- कल चौदहवीं की रात थी, शब भर रहा चर्चा तेरा! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद! *******
-
गिरे ताड़ से!
आज एक बार फिर मैं वरिष्ठ हिंदी नवगीतकार श्री नचिकेता जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नचिकेता जी की कुछ ही रचनाएं मैंने पहले शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नचिकेता जी का यह नवगीत– गिरे ताड़ सेमगर बीच में हीखजूर पर हम अँटके।घर की झोल लगी दीवारों पर हैंचमगादड़ लटकेखूस…