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जस का तस!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी नवगीत कवि स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत- शाख़-शाख़ बुलबुललिखती हैपत्ता-पत्ता गुललिखती है । बेटी माँ सेजो पढ़ती हैबच्चों में वो कुल लिखती है । सहर लिखेउसकी…
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ओ साथी रे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना !फिल्म- मुक़द्दर का सिकंदरमुख्य कलाकार- अमितभ बच्चन, रेखा, विनोद खन्ना, राखी गुलज़ारगीतकार- अंजानसंगीतकार- कल्याणजी आनंदजीगायक- किशोर कुमारप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****