यहां तो सिर्फ गूंगे …

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत हैं दुष्यंत कुमार जी की ग़ज़ल के अंतिम दो शेर-
यहां तो सिर्फ गूंगे और बहरे लोग बसते हैं!

आशा है आपको ये पसंद आएंगे,
धन्यवाद।
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