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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 25th Mar 2026

    दरबार में रहने के लिए!

    मैं ने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे,मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए| शकील आज़मी

  • 25th Mar 2026

    मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं हक़ीक़त फिल्म के लिए कैफी आज़मी साहब की लिखी एक नज़्म अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ , जिसे मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में मोहम्मद रफी जी ने गाया था- मैं ये सोचकर उसके दर से उठा था, कि वो रोक लेगी, मना लेगी…

  • 25th Mar 2026

    बाज़ार में रहने के लिए!

    हर घड़ी चश्म-ए-ख़रीदार में रहने के लिए,कुछ हुनर चाहिए बाज़ार में रहने के लिए| शकील आज़मी

  • 25th Mar 2026

    और कब तक!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि तथा मेरे अत्यंत प्रिय गीतकार स्वर्गीय किशन सरोज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। किशन सरोज जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय किशन सरोज जी का यह नवगीत– युग हुए संघर्ष करतेवर्ष को नव वर्ष करतेऔर…

  • 24th Mar 2026

    तक़ाज़ा है ये ग़ैरत का!

    तिरी नज़रों से गिर कर आज भी ज़िंदा हूँ मैं क्या ख़ूब, तक़ाज़ा है ये ग़ैरत का पशेमानी से मर जाऊँ। महशर आफ़रीदी      

  • 24th Mar 2026

    ग़ज़ल-ख़्वानी से मर जाऊँ!

    बहुत से शे’र मुझ से ख़ून थुकवाते हैं आमद पर,बहुत मुमकिन है मैं एक दिन ग़ज़ल-ख़्वानी से मर जाऊँ। महशर आफ़रीदी

  • 24th Mar 2026

    चूल्हे अग न घडे दे विच पानी!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है एक पंजाबी लोक शैली का टप्पा जिसे जगजीत सिंह जी ने भी गाया था- चूल्हे अग न घडे दे विच पानी! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *******

  • 24th Mar 2026

    निगहबानी से मर जाऊँ!

    नज़र-अंदाज़ कर मुझ को ज़रा सा खुल के जीने दे,कहीं ऐसा न हो तेरी निगहबानी से मर जाऊँ| महशर आफ़रीदी

  • 24th Mar 2026

    अगर ये भी न हों तो!

    ग़नीमत है परिंदे मेरी तन्हाई समझते हैं,अगर ये भी न हों तो घर की वीरानी से मर जाऊँ| महशर आफ़रीदी

  • 24th Mar 2026

    लिक्खे जो खत तुझे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में फिल्म-कन्यादान, का गीत जिसे नीरज जी ने लिखा था और मोहम्मद रफी जी ने गाया था- लिक्खे जो खत तुझे वो तेरी याद में, हजारों रंग के नज़ारे बन गए! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

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