SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Dec 2025

    जितना नूतन प्यार तुम्हारा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवियित्री सुश्री स्नेहलता स्नेह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है सुश्री स्नेहलता स्नेह जी का यह गीत- जितना नूतन प्यार तुम्हाराउतनी मेरी व्यथा पुरानीएक साथ कैसे निभ पायेसूना द्वार और अगवानी। तुमने जितनी संज्ञाओं सेमेरा नामकरण कर…

  • 1st Dec 2025

    मौसम तो बदलते हैं!

    मौसम तो बदलते हैं लेकिन क्या गर्म हवा क्या सर्द हवा,ऐ दोस्त हमारे आँगन में रहती है हमेशा ज़र्द हवा| क़ैसर शमीम

  • 1st Dec 2025

    गिरह में बाँध लिया!

    हम ने गिरह में बाँध लिया,आधा चाँद और आधा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 1st Dec 2025

    उसने ख़त में भेजे हैं!

    उस ने ख़त में भेजे हैं,भीगी रात और भीगा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 1st Dec 2025

    हवा का झोंका दिन!

    मोम की बत्ती जैसी शाम,तेज़ हवा का झोंका दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 1st Dec 2025

    जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी का गाया यह अत्यंत लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगेतुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद ।

  • 30th Nov 2025

    चढ़ता दरिया चढ़ता!

    ख़ाली कश्ती साहिल पर,चढ़ता दरिया चढ़ता दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    सूरज शाख़ हुआ!

    ढलता सूरज शाख़ हुआ,झुका हुआ है टूटा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    बदन में जागी रात!

    तेरे बदन में जागी रात, मेरे बदन में डूबा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    धरती का पहला दिन!

    तू धरती की पहली रात,मैं धरती का पहला दिन| नज़ीर क़ैसर

←Previous Page
1 … 53 54 55 56 57 … 1,341
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,142 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar