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आज मेरे अश्कों का!
शायद उन के दामन ने पोंछ दीं मिरी आँखें,आज मेरे अश्कों का रंग ज़ाफ़रानी है| कैफ़ भोपाली
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आँधियाँ भी पगली हैं!
घास के घरौंदे से ज़ोर-आज़माई क्या,आँधियाँ भी पगली हैं बर्क़ भी दिवानी है| कैफ़ भोपाली
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ये मौसम रंगीन समा !
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये मौसम रंगीन समा ठहर जरा ओ जाने जां!फिल्म- मॉडर्न गर्लमुख्य कलाकार- प्रदीप कुमार, स्मृति बिस्वासगीतकार- गुलशन बावरा संगीतकार- रवि गायक-मुकेश, सुमन कल्याणपुर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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मोहल्ला मेरा!
आज फिर से अपनी बहुत पुरानी एकदम शुरुआत की ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, मई 2017 में मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था तब की लिखी पोस्ट थी यह भी! अब थोड़ा समय उस मोहल्ले को भी दे दें, जो लगभग 25 वर्ष तक मेरा ठिकाना था। जैसा मैंने अपने पिछले ब्लॉग में लिखा था,…
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पानियों से तो प्यास बुझती नहीं!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राहत इंदौरी जी का एक और शेर –पानियों से तो प्यास बुझती नहीं आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिए!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिए, मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो!फिल्म- कन्हैया मुख्य कलाकार- राज कपूर. नूतन गीतकार- शैलेंद्र संगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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चल अकेला!
आज फिर से अपनी बहुत पुरानी एकदम शुरुआत की ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, मई 2017 में मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था तब की लिखी पोस्ट थी यह भी! हज़ारों मील लंबे रास्ते तुझको बुलाते, यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते है कौन सा वो इंसान यहाँ पर जिसने दुख ना झेला। चल…
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इस तरह मोहब्बत में!
इस तरह मोहब्बत में दिल पे हुक्मरानी है,दिल नहीं मिरा गोया उन की राजधानी है| कैफ़ भोपाली
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कोई और निशानी देना!
रेत पर नक़्श-ए-कफ़-ए-पा नहीं रहने पाते,अहल-ए-सहरा को कोई और निशानी देना| क़ैसर शमीम
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टिकटिकी बांध ली है आँखों ने!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राहत इंदौरी जी का एक और शेर –टिकटिकी बांध ली है आँखों ने ! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******