Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 4th Apr 2025

    यादों की कहानी है!

    दिन तल्ख़ हक़ाएक़ के सहराओं का सूरज है,शब गेसु-ए-अफ़्साना यादों की कहानी है| बशीर बद्र

  • 4th Apr 2025

    क्या जान गँवानी है!

    इस हौसला-ए-दिल पर हम ने भी कफ़न पहना,हँस कर कोई पूछेगा क्या जान गँवानी है| बशीर बद्र

  • 4th Apr 2025

    काफिला आवाज़ का!

    आज मैं हिंदी नवगीत विधा के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय देवेंद्र शर्मा इंद्र जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ। इंद्र जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे स्वर्गीय इंद्र जी का भरपूर स्नेह प्राप्त हुआ था। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय देवेंद्र शर्मा इंद्र जी का…

  • 3rd Apr 2025

    आँसू कभी शीशा है!

    ग़म वज्ह-ए-फ़िगार-ए-दिल ग़म वज्ह-ए-क़रार-ए-दिल, आँसू कभी शीशा है आँसू कभी पानी है| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    ये मुल्क-ए-जवानी है!

    ऐ पीर-ए-ख़िरद-मंदाँ दिल की भी ज़रूरत है,ये शहर-ए-ग़ज़ालाँ है ये मुल्क-ए-जवानी है| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    ठहरा हुआ दरिया है!

    दिल से जो छटे बादल तो आँख में सावन है,ठहरा हुआ दरिया है बहता हुआ पानी है| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    ग़म में वो रवानी है!

    पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है,ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    यहाँ से तेरे मिरे!

    ये एक पेड़ है आ इस से मिल के रो लें हम,यहाँ से तेरे मिरे रास्ते बदलते हैं| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    साथ साथ चलते हैं!

    कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से,कहीं भी जाऊँ मिरे साथ साथ चलते हैं| बशीर बद्र

  • 3rd Apr 2025

    मैं शाहराह नहीं!

    मैं शाहराह नहीं रास्ते का पत्थर हूँ,यहाँ सवार भी पैदल उतर के चलते हैं| बशीर बद्र

←Previous Page
1 … 307 308 309 310 311 … 1,385
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar