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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 7th Sep 2026

    ख़ैर-ओ-आफ़ियत है मगर!

    हमारे शहर में सब ख़ैर-ओ-आफ़ियत है मगर,यही कमी है कि अम्न-ओ-अमान कुछ कम है| मंज़र भोपाली

  • 7th Sep 2026

    मुझसे मिलना फिर!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में पंकज उधास जी का गाया एक और शेर – मुझसे मिलना फिर आपका मिलना! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 7th Sep 2026

    जो इस ख़याल को भूले!

    जो इस ख़याल को भूले तो मारे जाओगे,कि अपनी सम्त क़यामत का ध्यान कुछ कम है| मंज़र भोपाली

  • 7th Sep 2026

    आसमान कुछ कम है|

    सितमगरों के सितम की उड़ान कुछ कम है,अभी ज़मीं के लिए आसमान कुछ कम है| मंज़र भोपाली

  • 7th Sep 2026

    बारहा तेरा इंतज़ार किया!

    बारहा तेरा इंतज़ार किया,अपने ख़्वाबों में इक दुल्हन की तरह। परवीन शाकिर

  • 7th Sep 2026

    यूं ही तुम मुझसे बात करती हो!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- यूं ही तुम मुझसे बात करती हो, या कोई प्यार का इरादा है!फिल्म- सच्चा-झूठा मुख्य कलाकार- राजेश खन्ना, मुमताज गीतकार- इंदीवरसंगीतकार- कल्याणजी आनंदजी गायक- मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

  • 7th Sep 2026

    केवल हिम!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय नरेश मेहता जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेश मेहता जी की यह कविता- हिम, केवल हिम-अपने शिवःरूप मेंहिम ही हिम अब!रग-गंध सब परिरत्याग करभोजपत्रवत हिमाच्छादितवनस्पित से हीनधरित्री-स्वयं तपस्या।पता नहींकिस इतिहास-प्रतीक्षा मेंयहाँ शताब्दियाँ भी…

  • 6th Sep 2026

    मुझको तस्लीम मेरे चाँद!

    मुझको तस्लीम मेरे चाँद कि मैं,तेरे हमराह हूँ गगन की तरह। परवीन शाकिर

  • 6th Sep 2026

    तुझसे दूर रहकर मैं!

    जिंदगी तुझसे दूर रह कर मैं,काट लूंगी जलावतन की तरह। परवीन शाकिर

  • 6th Sep 2026

    जब तबीयत किसी पे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में पंकज उधास जी का गाया एक और शेर जिसे नूर नारवी जी ने लिखा है –जब तबीयत किसी पे आती है! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********

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