दर्द में डूबे हुए नग़्मे हज़ारों हैं मगर,
साज़-ए-दिल टूट गया हो तो सुनाएँ कैसे|
नक़्श लायलपुरी
दर्द में डूबे हुए नग़्मे!
One response to “दर्द में डूबे हुए नग़्मे!”
-
वाह वाह।
LikeLike
A sky full of cotton beads like clouds
वाह वाह।
LikeLike
Leave a comment