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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 23rd Sep 2021

    ऐ शरीफ़ इंसानों!

    हिंदुस्तान के एक नामवर शायर, जिनका भारतीय फिल्मों के गीत-ग़ज़ल लेखन में भी बहुत बड़ा योगदान है और जो कवि-लेखकों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सदा संघर्ष करते रहे, ऐसे महान शायर और गीतकार स्वर्गीय साहिर लुधियानवी जी की एक नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में साहिर साहब ने युद्ध की…

  • 22nd Sep 2021

    मैं सांसों के दो तार लिए फिरता हूँ!

    आज एक बार फिर से मैं हिन्दी काव्य जगत के अनूठे कवि, किसी समय मंचों की शोभा बढ़ाने वाले और श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर करने वाले, स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे उन्होंने आत्म-परिचय के रूप में प्रस्तुत किया है| एक बार फिर से मुझे आकाशवाणी…

  • 20th Sep 2021

    आंसू न बहा फ़रियाद न कर!

    आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| डॉक्टर सफ़दर आह सीतापुरी जी का लिखा यह गीत मुकेश जी ने फिल्म- ‘पहली नज़र’ के लिए गाया था, इसका संगीत तैयार किया था अनिल बिस्वास जी ने| इस गीत के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह…

  • 19th Sep 2021

    ‘आशा’ से

    आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट| आज भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स ‘आशा’…

  • 18th Sep 2021

    मौला जाने क्या होगा आगे!

    पुराने जमाने के अमर फिल्मी गीतों को शेयर करने के क्रम में आज मुकेश जी का गाया एक और नायाब गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो मनोज कुमार जी की फिल्म से है| लीजिए प्रस्तुत है फिल्म- ‘हरियाली और रास्ता’ के लिए हसरत जयपुरी जी का लिखा यह गीत, जिसका संगीत दिया था शंकर जयकिशन…

  • 17th Sep 2021

    हम चल रहे थे, वो चल रहे थे!

    हमारी फिल्मों में भी कविता/गीतों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है| फिल्मों की कहानी को आगे बढ़ाने में गीतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है| हमारे समय के अनेक प्रसिद्ध रचनाकारों- कवियों और शायरों ने फिल्मों में अपने गीतों/ग़ज़लों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है| फिल्मों एक बात यह भी होती है कि गीत सिचुएशन पर…

  • 16th Sep 2021

    हरी हरी दूब पर!

    आज मैं भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, महान राजनेता, अनूठे वक्ता और एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय वाजपेयी जी ने हर भूमिका में अपनी अमिट छाप छोड़ी है| जहां आज भी हम उनके ऐतिहासिक भाषणों को यदा-कदा सुनते रहते हैं वहीं उनकी कविताएं भी…

  • 15th Sep 2021

    सिर्फ अंगूठे हैं हम लोग!

    आज किसी ब्लॉग पोस्ट में ही शेरजंग गर्ग जी का उल्लेख देखा तो सोचा कि उनकी ही रचना आज शेयर की जाए| बहुत पहले जब मैं दिल्ली में रहता था (1980 तक) तब कुछ कवि गोष्ठियों में उनका रचना पाठ सुनने का मौका मिला था, श्रेष्ठ रचनाकार हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री शेरजंग गर्ग…

  • 14th Sep 2021

    काहे को दुनिया बनाई!

    एक बार फिर से आज सामान्य जन के कवि, शैलेन्द्र जी की बात करते हैं और उनके ड्रीम प्रोजेक्ट, फिल्म- ‘तीसरी कसम’ का एक गीत शेयर करूंगा| शैलेन्द्र जी की इस नायाब फिल्म की खास बात यह है कि फणीश्वरनाथ रेणु जी की कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ पर ऐसी फिल्म बनाना एक बहुत बड़ा जोखिम…

  • 13th Sep 2021

    झूठी कहानी पे रोये!

    आज जो गीत शेयर कर रहा हूँ वह ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर रची गई एक संभवतः काल्पनिक प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म ‘मुगल-ए-आज़म’ से है, जो अपने आप में ही एक ऐतिहासिक फिल्म थी| उस समय तक शायद ऐसे भव्य सेट्स और ऐसी स्टार-कास्ट वाली और फिल्में नहीं बनी थीं| इस फिल्म में पृथ्वी राज कपूर…

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