Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Oct 2021

    परंपरा

    आज राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में दिनकर जी ने बड़े ही शालीन तरीके से परंपरा और क्रांति दोनों के महत्व और प्रासंगिकता को समझाया है और यह भी बताया है कि दोनों का ही समझदारी के साथ निर्वाह किया जाना चाहिए| इनमें से कुछ…

  • 1st Oct 2021

    मैं गरीबों का दिल हूँ वतन की ज़ुबां!

    आज हसरत जयपुरी साहब का लिखा एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| यह गीत 1955 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘आब ए हयात’ के लिए सरदार मलिक जी के संगीत निर्देशन में हेमंत कुमार जी ने अपने सुरीले अंदाज़ में गाया था| और हां इस फिल्म के नायक थे प्रेम नाथ जी| यह फिल्म तो नहीं…

  • 30th Sep 2021

    जी यहां घबराता है!

    आज सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी अपने समय के प्रमुख साहित्यिक कवियों में शामिल थे और उस समय की प्रमुख साप्ताहिक समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादन मण्डल में शामिल थे| बाकी तो कविता खुद अपनी बात कहती है, लीजिए प्रस्तुत है सर्वेश्वर जी की यह कविता अजनबी…

  • 29th Sep 2021

    ओ मेरी शर्मीली!

    आज हिन्दी के अत्यंत लोकप्रिय गीतकार स्वर्गीय गोपाल दास ‘नीरज’ जी को याद करते हैं उनके एक फिल्मी गीत के माध्यम से| फिल्मों में जैसा आप जानते हैं सिचुएशन के हिसाब से गीत लिखे जाते हैं| यह गीत 1971 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘शर्मीली’ के लिए नीरज जी ने लिखा था और शशि कपूर जी…

  • 28th Sep 2021

    मगर वो कोई फ़ैसला तो सुना दें!

    ज़नाब सुदर्शन फ़ाक़िर साहब एक श्रेष्ठ शायर रहे हैं, उनके बहुत सुंदर गीत, ग़ज़लें आदि विभिन्न गायकों ने गायी हैं| वैसे कवि शायर आदि भी अजीब लोग होते हैं, एक मामूली सी अदा के लिए वे कुछ भी कुर्बान करने को तैयार हो जाते हैं, कम से कम कविता और शायरी में तो ऐसा ही…

  • 27th Sep 2021

    महबूब मेरे महबूब मेरे!

    आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| मजरूह सुल्तानपुरी साहब का लिखा यह गीत मुकेश जी और लता जी ने फिल्म- ‘फिल्म पत्थर के सनम’ के लिए गाया था, इसका संगीत तैयार किया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की सुरीली जोड़ी ने| लीजिए प्रस्तुत है…

  • 26th Sep 2021

    जब मुझे भय सताता है!

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर करने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है एक पुरानी पोस्टआज से भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा…

  • 25th Sep 2021

    जब भी जुड़े बांटा गया

    निदा फ़ाज़ली साहब मेरे अत्यंत प्रिय शायर रहे हैं, बहुत सुंदर गीत, ग़ज़लें और नज़्में उन्होंने लिखी हैं, दोहे ऐसे-ऐसे कि ‘मैं रोया परदेस में, भीगा माँ का प्यार’, और इसे ग़ज़ल कहें या भजन- ‘गरज, बरस प्यासी धरती पर, फिर पानी दे मौला’, ‘घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें, किसी…

  • 24th Sep 2021

    सजन घर जाना है!

    आज फिर से मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर कर रहा हूँ| प्रारंभ में मुकेश जी ने दिलीप कुमार जी के लिए अनेक खूबसूरत गीत गए थे, यह गीत भी उनमें से ही एक है| यह गीत है पुरानी फिल्म- मेला का, जिसे लिखा था शकील बदायुनी साहब ने और इसका संगीत दिया था…

  • 23rd Sep 2021

    ब्लॉगिंग के बहाने!

    काफी लंबे समय से ब्लॉगिंग से जुड़ा हूँ, बहुत पहले कविताएं लिखा करता था, वे तो लंबे समय से बंद थीं, फिर नौकरी से भी रिटायर हो गया तो सोचा कि कहां इनवॉल्व हुआ जाए, तब इसके लिए ब्लॉगिंग अच्छी लगी और इस बहाने बहुत से क्रिएटिव लोगों से भी जुड़ने का मौका मिला ‘वर्डप्रेस’…

←Previous Page
1 … 1,234 1,235 1,236 1,237 1,238 … 1,378
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar