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मैं नशे में हूँ!
कल की यादें मिट चुकी हैं, दर्द भी है कम, अब ज़रा आराम से आ जा रहा है दम,कम है अब दिल का तड़पना, मैं नशे में हूँ!
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पढ़कर भी क्या होगा!
हिन्दी नवगीत के एक सशक्त हस्ताक्षर स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उनकी एक गीत पंक्ति जो मैंने कई बार अपने आलेखों में दोहराई है, वो है: फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में,रोशनी को शहर से निकाला गया| एक और काले कपड़े पहने हुए सुबह देखी,देखी हमने अपनी सालगिरह…
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दुनिया, जादू का खिलौना!
बरसात का बादल तो, दीवाना है क्या जाने,किस राह से बचना है, किस छत को भिगोना है| निदा फाज़ली
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मतवाली नार!
एक बार फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा गीत शेयर कर रहा हूँ जो राग मारू बिहाग पर आधारित है | फिल्म ‘एक फूल चार कांटे’ के लिए शैलेन्द्र जी के लिखे इस गीत को शंकर जयकिशन की सुरीली जोड़ी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने…
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वो घर बदल लिया है!
एक पुराने दुख ने पूछा , क्या तुम अभी वहीं रहते हो,उत्तर दिया चले मत आना, मैंने वो घर बदल लिया है! शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’
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नीड़ का निर्माण फिर फिर!
आज एक बार फिर से हिन्दी गीत काव्य के स्तंभ और कवि सम्मेलनों में श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर देने वाले विख्यात कवि और गीतकार स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी के बारे में कुछ बातें मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ, इस…
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हम जैसे हो जाएंगे!
बच्चों के छोटे हाथों को, चांद सितारे छूने दो, चार किताबें पढ़कर ये भी हम जैसे हो जाएंगे | निदा फाज़ली
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जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए !
आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा और लोकप्रिय गीत शेयर कर रहा हूँ| कभी कभी खयाल आता है कि जो गीत हम अक्सर गुनगुनाते रहते हैं, शेयर करने के लिए उसका खयाल क्यों नहीं आता| आज मैं अमिताभ बच्चन जी, राखी जी और शशि कपूर जी…
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नादानी दे मौला!
दो और दो का जोड़ हमेशा चार कहाँ होता है,सोच समझ वालों को थोड़ी नादानी दे मौला| निदा फाज़ली
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अच्छा किया जो आपने सपने चुरा लिए!
स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी मेरे अग्रज और गुरु तुल्य रहे हैं| उनसे अनेक बार मिलने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ था| बहुत सहज और सरल हृदय इंसान और सृजनशील गीतकार थे| लीजिए आज प्रस्तुत है डॉक्टर कुंवर बेचैन जी की एक – दो चार बार हम जो कभी हँस-हँसा लिए,सारे…