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दुनिया को दिखाते हैं चराग़!
गो सियह-बख़्त हैं हम लोग पे रौशन है ज़मीर,ख़ुद अँधेरे में हैं दुनिया को दिखाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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दामन भी भड़क उठते हैं!
क्या ख़बर उन को कि दामन भी भड़क उठते हैं,जो ज़माने की हवाओं से बचाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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मैं दीवाना मस्ताना!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- मैं दीवाना मस्ताना, मुश्किल भेद मेरा पा जाना !फिल्म- चालीस दिन अभिनेता- प्रेम नाथ, शकीला गीतकार- कैफ़ी आज़मी संगीतकार- बिपिन बाबुलगायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******
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राजभाषा हिंदी की ट्रैडमिल!
आज आ गया है 14, सितंबर अर्थात ‘हिंदी दिवस’। इस दिवस की शुभकामनाएं, यदि इस दिन से हिंदी को कुछ मिला है! एक घोषणा हुई थी ‘हिंदी’ को राजभाषा बनाने, ढेर सारे किंतु-परंतु के साथ। बस यही है कि रिपोर्टें तैयार होती रहेंगी और हिंदी जहाँ थी, वहीं है। हिंदी को अगर आगे बढ़ाया है,…
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कवि गाता है!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि नेमिचंद्र जैन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। आज प्रस्तुत है श्री नेमिचंद्र जैन जी की यह कविता- कवि गाता है–संक्रान्ति काल का कलाकार कवि गाता है ।देख चांदनी रातें कवि का नाच उठा उरस्वप्न-देश की परियों के गायन…
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बस्तियाँ दूर हुई जाती हैं!
बस्तियाँ दूर हुई जाती हैं रफ़्ता रफ़्ता,दम-ब-दम आँखों से छुपते चले जाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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औरों के बुझाते हैं चराग़!
अपनी महरूमी के एहसास से शर्मिंदा हैं,ख़ुद नहीं रखते तो औरों के बुझाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
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तेरी उम्मीद पे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर- तेरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को!फिल्म- अर्थ मुख्य कलाकार- शबाना आज़मी, राज किरण शायर- कैफ़ी आज़मी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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सूरज को दिखाते हैं चराग़!
तेरे होते हुए महफ़िल में जलाते हैं चराग़,लोग क्या सादा हैं सूरज को दिखाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़