Category: Uncategorized
-
सफर, यात्रा से संबंधित गीत!
मेरी यूट्यूब लाइव प्रस्तुति जिसमें मैंने यात्रा-सफर से संबंधित गीतों को शामिल किया है – आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ****
-
दिन को जलाते हैं चराग़!
ऐसी तारीकियाँ आँखों में बसी हैं कि ‘फ़राज़’,रात तो रात है हम दिन को जलाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
-
ऐसे बेदर्द हुए हम!
ऐसे बेदर्द हुए हम भी कि अब गुलशन पर,बर्क़ गिरती है तो ज़िंदाँ में जलाते हैं चराग़| अहमद फ़राज़
-
ये दिल ये पागल दिल मेरा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक शेर- ये दिल ये पागल दिल मेरा क्यों बुझ गया आवारगी! फिल्म- माटी मांगे खून शायर- मोहसिन नक़वी गायक- ग़ुलाम अली प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । *****
-
दिल की कहानी!
‘दिल’ को विषय बनाकर लिखे गए गीतों के बहाने मेरी लाइव प्रस्तुति आपके समक्ष पेश है- दिल की कहानी लिखना! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******
-
बस्तियाँ चाँद सितारों की!
बस्तियाँ चाँद सितारों की बसाने वालो,कुर्रा-ए-अर्ज़* पे बुझते चले जाते हैं चराग़|*Globe अहमद फ़राज़