इतने सन्नाटे पिए मेरी समा’अत ने कि अब,
सिर्फ़ आवाज़ पे चाहूँ तो निशाने लग जाएँ|
महशर आफ़रीदी
A sky full of cotton beads like clouds
इतने सन्नाटे पिए मेरी समा’अत ने कि अब,
सिर्फ़ आवाज़ पे चाहूँ तो निशाने लग जाएँ|
महशर आफ़रीदी
Leave a comment