Category: Uncategorized
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वर्ना हर एक साँस!
वो मुझ से बढ़ के ज़ब्त का आदी था जी गया,वर्ना हर एक साँस क़यामत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी
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आज सोचा तो आंसू भर आए-2
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से कल मैंने फिल्म ‘हंसते ज़ख्म’ के लिए कैफी आज़मी साहब जी के कुछ शेर प्रस्तुत किए थे जिन्हें लता जी ने मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में गाया था।इस ग़ज़ल के बाकी शेर अपने स्वर में अब प्रस्तुत कर रहा हूँ- आज सोचा तो आंसू भर आए-2 आशा…
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ये दिल है मोहब्बत का प्यासा!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में फिल्म ‘दिल ने फिर याद किया’ के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे जी एल रावल जी ने लिखा था और संगीत सोनिक ओमी जी का था- ये दिल है मोहब्बत का प्यासा इस दिल का तड़पना क्या…
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भरे जंगल के बीचो बीच!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय नरेंद्र शर्मा जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नरेंद्र शर्मा जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेंद्र शर्मा जी की यह कविता – भरे जंगल के बीचो बीच,न कोई आया गया जहाँ,चलो, हम दोनों चलें…
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मसरूफ़ मैं भी कम था!
उस रात देर तक वो रहा महव-ए-गुफ़्तुगू,मसरूफ़ मैं भी कम था फ़राग़त उसे भी थी| मोहसिन नक़वी
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आज सोचा तो आंसू भर आए!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मेरे स्वर में प्रस्तुत है लता मंगेशकर जी द्वारा , मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन हंसते ज़ख्म के लिए गाई गई कैफी आज़मी साहब की लिखी ये ग़ज़ल- आज सोचा तो आंसू भर आए, मुद्दतों हो गईं मुस्कुराए। आशा है यह आपको पसंद आएगी,धन्यवाद । *****
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मुझ को भी शौक़ था!
मुझ को भी शौक़ था नए चेहरों की दीद का,रस्ता बदल के चलने की आदत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी
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तेरी निगाहों पे मर मर गए हम!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में शबनम फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे लिखा था जावेद अनवर जी ने और इसका संगीत उषा खन्ना जी ने तैयार किया था- तेरी निगाहों पे मर मर गए हम! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद।…