Category: Uncategorized
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तू कोई झील है!
रूह की प्यास बुझा दी है तिरी क़ुर्बत ने,तू कोई झील है झरना है घटा है क्या है नक़्श लायलपुरी
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दिल तड़प तड़प के!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मधुमती फिल्म का यह मधुर गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे मुकेश जी और लता जी ने गाया था, गीत शैलेंद्र जी ने लिखा था और संगीत सलिल चौधरी जी का था। बिमल रॉय जी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दिलीप कुमार जी और…
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संसार की दरारों से!
आज मेरे वरिष्ठ कवि मित्र रहे श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय नवीन सागर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नवीन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नवीन सागर जी की यह कविता – इतने बजे का आकाशइतने सालों से नहीं देखाआएसड़कों के जाले मे घूमते-घूमतेलड़खड़ाएऔर…
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सादगी है कि झिझक है!
तेरी आँखों में कई रंग झलकते देखे,सादगी है कि झिझक है कि हया है क्या है| नक़्श लायलपुरी
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कोई झंकार है नग़्मा है!
कोई झंकार है नग़्मा है सदा है क्या है,तू किरन है कि कली है कि सबा है क्या है| नक़्श लायलपुरी
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ज़िंदगी बोझ बनी हो!
बोझ होता जो ग़मों का तो उठा भी लेते,ज़िंदगी बोझ बनी हो तो उठाएँ कैसे| नक़्श लायलपुरी
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बात यह अनर्गल है!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरी एक छोटी सी कविता –बात यह अनर्गल है! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******
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दर्द में डूबे हुए नग़्मे!
दर्द में डूबे हुए नग़्मे हज़ारों हैं मगर,साज़-ए-दिल टूट गया हो तो सुनाएँ कैसे| नक़्श लायलपुरी
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हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं फर्ज़ फिल्म का प्रसिद्ध गीत अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे आनंद बक्षी जी ने लिखा था, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी ने इसका संगीत तैयार किया था और लता मंगेशकर जी और मुकेश जी ने यह गीत गाया था-हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने,…
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दीवार गिराएँ कैसे!
दिल की राहों में उठाते हैं जो दुनिया वाले,कोई कह दे कि वो दीवार गिराएँ कैसे| नक़्श लायलपुरी