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ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें!फिल्म- इज्ज़त मुख्य कलाकार- धर्मेंद्र, तनुजा गीतकार- साहिर लुधियानवी संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****
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किला!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री नंद चतुर्वेदी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है श्री नंद चतुर्वेदी जी की यह कविता- वह किला पूरी तरह ध्वस्त हो गया थाएक पूरे शानदार इतिहास के बावजूदवे वीरांगनाएँ आग में कूद गयी थींअपने कृतघ्न और…
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किस दिल से आए हैं!
उठ कर तो आ गए हैं तिरी बज़्म से मगर,कुछ दिल ही जानता है कि किस दिल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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तिरी महफ़िल से आए हैं!
शम-ए-नज़र ख़याल के अंजुम जिगर के दाग़,जितने चराग़ हैं तिरी महफ़िल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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इश्क़ में और कुछ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में पंकज उधास जी की गायी ग़ज़ल का आखिरी शेर-इश्क़ में और कुछ नहीं मिलता! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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सब क़त्ल हो के तेरे !
सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं,हम लोग सुर्ख़-रू हैं कि मंज़िल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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जगजीत सिंह जी की गायी कुछ ग़ज़लें!
मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के माध्यम से प्रस्तुत हैं जगजीत सिंह जी की गायी ग़ज़लों की कुछ झलकियां- आशा है आपको ये प्रस्तुति पसंद आएगीधन्यवाद। *****
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मैं शराबी!
आज की रचना- ऐसा लगा कि किसी आत्मा ने मेरे भीतर प्रवेश किया और मुझसे अपने बारे में यह कविता लिखवा ली, जैसी है प्रस्तुत है – हाल जर्जर चाल बदतर आंख में डोरे गुलाबी मैं शराबी. जो कमाया फूंक डाला बहुत लोगों ने संभाला किंतु आखिर हो गया अब दूर हाथों से निवाला खो…
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तलत महमूद जी, मुकेश जी
अपने यूट्यूब चैनल लाइव रील के अंतर्गत मैं तलत महमूद जी के कुछ गीतों की झलकियां और मुकेश जी के दो गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद *****
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जुल्म सहकर जो!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में पंकज उधास जी का गाया एक और शेर –जुल्म सहकर जो उफ़ नहीं करते! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ****